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जयपुर में ड्रंक एंड ड्राइव पर पुलिस तो सख्ती कर ही रही थी, अब मोबाइल मजिस्ट्रेट भी वसूल रहे भारी खर्च
मजिस्ट्रेट ने 20-20 हजार रुपए तक अभियोजन खर्च लगाया
राजस्थान की राजधानी जयपुर में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस के साथ ही कोर्ट भी सख्त हो गई है। शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों पर अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम.13 जयपुर महानगर द्वितीय (मोबाइल कोर्ट) के पीठासीन अधिकारी गुरजोत सिंह ने अधिकतम अभियोजन व्यय (प्रोसिक्यूशन चार्जेज) लगाकर सख्त संदेश दिया है कि सड़क पर शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बढ़ती जाएगी। सहायक अभियोजन अधिकारी दिनेश लोहिया ने बताया कि अभियुक्त वाहन चालकों पर धारा 185 मोटरयान अधिनियम के तहत दोषसिद्धि उपरांत अधिकतम अभियोजन व्यय लगाकर लगाकर ट्रैफिक नियमों की अवहेलना रोकने का सख्त संदेश मोबाइल कोर्ट द्वारा पहुंचाया जा रहा है।
20 हजार तक प्रोसिक्यूशन चार्ज लगाया
जयपुर महानगर द्वितीय के मोबाइल मजिस्ट्रेट गुरजोत सिंह ने बुधवार को धारा 185 मोटर अधिनियम के तहत वाहन ट्रक नंबर DL1MA6652 के चालक पर बीस हजार (₹20000), कार नंबर RJ 06CB3221 के चालक पर बीस हजार (₹20000), मोटरसाइकिल RJ60JS4436 के चालक पर दस हजार (₹10000), एवं मोटरसाइकिल RJ41SH5538 के चालक पर बारह हजार(₹12000) अभियोजन खर्च लगाया है।
मोबाइल मजिस्ट्रेट भी कर रहे कड़ी कार्रवाई
इससे पहले मोबाइल मजिस्ट्रेट रोहित शर्मा व हिमांशू चावला ने भी नशा शराब में वाहन चलाने वालों पर भारी अभियोजन व्यय लगाया था। वाहन संख्या RJ14GQ4169 के चालक पर 18000, वाहन संख्या RJ14PF1084 के चालक पर 18000, वाहन संख्या RJ26CA9648 रूपये 14000 और वाहन संख्या MH43X4832 के चालक पर 15000 अभियोजन व्यय लगाया था। मोबाइल कोर्ट द्वारा यातायात नियम का उल्लंघन करने पर बस RJ14PD7516 को मौके पर सवारी खाली करवाकर बस को जब्त कर यात्रियों को अन्य वाहनों से भेजा।