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जयपुर स्थापना दिवस पर मौजूदा वास्तुविदों ( टाउन प्लानर्स ) की एसोसिएशन ने विकास के दावों की हवा निकाली
जेडीए का रीजन 3000 से बढ़ाकर 6500 वर्ग किमी करने से घट गया जनसंख्या घनत्व
जयपुर।
आज जयपुर स्थापना दिवस है। इस मौके पर जयपुर के विकास की बड़ी-बड़ी बातें हो रही हैं। जयपुर को देश-दुनिया में शानदार बसावट के लिए पहचाना जाता है, इसके शिल्पी रहे विद्याधर भट्टाचार्य को याद किया जाता है, लेकिन आधुनिक जयपुर के शिल्पी यहां के टाउन प्लानर्स ने जयपुर विकास प्राधिकरण का हाल में रीजन बढ़ाने जैसे कई कदमों की दुनिया के नामचीन शहरों से तुलना करते हुए इसे गलत ठहराया दिया। राजस्थान नगर पालिका तकनीकि एवं प्रशासनिक सेवा एसोसिएशन (टाउन प्लानर्स का संगठन) ने केंद्र सरकार के शहरी विकास एवं आवासन मंत्रालय को इसकी शिकायत भेजकर विकास के दावों की हवा निकाल दी।
इन सवालों के जवाब दो सरकार!
जयपुर के विस्तार की वैज्ञानिक दृष्टिकोष से समीक्षा करते हुए एसोसिएशन ने सवाल उठाए हैं कि हाल ही में जयपुर विकास प्राधिकरण का रीजन एरिया 3000 से बढ़ाकर 6500 वर्ग किमी का निर्णय वैज्ञानिक दृष्टिकोष और व्यावसायिक नगर नियोजकों की सलाह के बगैर लिया गया है।
यूं तो 2047 में बन लिया विकसित भारत
''राजस्थान नगर पालिका तकनीकि व प्रशासनिक सेवा एसोसिएशन ने नगरीय विकास से जुड़े प्राधिकरणों में ब्यूरोक्रेट्स के हावी होने की बात कही है। शहरी विकास मंत्रालय को लिखा है कि िवकास प्राधिकरण, यूआईटी और स्थानीय निकायों का नेतृत्व योग्य नगर नियोजकों के हाथों में दिया जाए। नौकरशाही आधारित निर्णय प्रक्रिया अनियोजित विकास की जड़ है। नगर नियोजक विकसित भारत का सपना साकार कर सकते हैं, नहीं तो ये कोरा कागजी सपना रह जाएगा
राजपाल चौधरी, रिटायर्ड टाउन प्लानर (एसोसिएशन के अध्यक्ष )
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