Tuesday, 15 September 2026

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जयपुर की लॉटरी ने कई दिग्गजों के पैरों तले से खींच ली जमीन

मौजूदा पार्षदाें के समीकरण बिगड़े, कई दिग्गजों के चुनाव लड़ने की गणित खराब, जगह बदलनी पड़ेगी, टिकट मिलने का रहेगा संकट

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नगर निगम जयपुर के 150 वार्डों की लॉटरी निकली

जयपुर।

नगरीय निकायों की लॉटरी खुली जो जयपुर में चुनाव लड़ने के लिए बिसात बिछाकर बैठे कई दिग्गजों के पैरों तले से जमीन खिसक गई। पिछले चुनाव में दो नगर निगम में मिलाकर 250 वार्ड थे। इस बार दोनों नगर निगम को एक कर कुल 150 सीट हो गई। ऐसे में 100 सीटों पर दोनों पार्टियों के जोड़कर करीब 200 दिग्गज तो बिना फाइट के ही बाहर हो गए। अब जिन नए 150 वार्डों के लिए जंग होगी। इसमें लॉटरी में कई दिग्गजों की तकदीर ने साथ नहीं दिया। जिस क्षेत्र में बरसों तक मेहतन कर पांव जमाए, वहां आरक्षण की लाटरी में ऐसे समीकरण बनें कि सीट उनके हाथ से छिन गई।

कुछ चेहरे खिले, कुछ मुरझाए

जयपुर निकाय चुनाव से पहले सोमवार को जयपुर कलेक्ट्रेट में आरक्षण की लॉटरी का पिटारा खुल गया है। इस लॉटरी के पिटारे के खुलने के साथ ही कई संभावित प्रत्याशियों के चेहरे खिल उठे तो कुछ के चुनाव लड़ने की उम्मीदों पर ब्रेक लग गया। लॉटरी के बाद अब नेताओं और दावेदारों ने अपने-अपने वार्डों में सियासी गणित बैठाना शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होने से इस बार जयपुर नगर निगम की सियासत में महिला चेहरों की बड़ी एंट्री होने जा रही है। ओबीसी, एससी, एसटी और अनारक्षित वार्डों के आरक्षण ने चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।

309 नगर निकायों के वार्डों की आरक्षण लॉटरी निकाली

खबरों की अविरल धारा

राजस्थान में सोमवार को 309 नगर निकायों के वार्डों की आरक्षण लॉटरी निकाली गई। जयपुर जिले के निकाय चुनाव के लिए वार्डों के आरक्षण की लॉटरी कलेक्ट्रेट में संपन्न हुई, जहां 150 वार्डों की आरक्षित श्रेणियां तय कर दी गईं। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में से 30 वार्ड ओबीसी, 20 एससी, 6 एसटी, 63 अनारक्षित (सामान्य) और 31 अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं। कुल मिलाकर इस बार 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, यानी नगर निगम में 50 महिला पार्षद चुनी जाएंगी।

राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज

वहीं, इस बार की आरक्षण लॉटरी में जयपुर नगर निगम का मेयर पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होने से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सामान्य वर्ग के लिए सीट तय होने के बाद भाजपा और कांग्रेस सहित सभी दलों में संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है, क्योंकि मेयर की दौड़ में कई नए और पुराने चेहरे अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुट जाएंगे।


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