Sunday, 2 August 2026

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पिंकसिटी में पहली बार हुआ ग्रासरूट NGOs का कॉन्क्लेव

सामाजिक उत्थान और सहयोग पर हुई व्यापक चर्चा

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कई NGOs हुए शामिल

प्रसंग वशिष्ठ चेरिटेबल ट्रस्ट, ऑनर टिल फाउंडेशन और नोवा टेरा फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में जयपुर के इतिहास में पहली बार ग्रासरूट NGOs के लिए एक विशेष कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छोटे और जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे NGOs को एक साझा मंच उपलब्ध करवाना था, जहां वे अपनी समस्याओं, चुनौतियों और संभावनाओं पर खुलकर चर्चा कर सकें।

कई NGOs हुए शामिल

इस कॉन्क्लेव में अनेक सामाजिक संस्थाओं और NGOs ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषयों पर पैनल डिस्कशन आयोजित किए गए, जिनमें विशेषज्ञों और विद्वजनों ने न केवल अपने विचार साझा किए बल्कि NGOs को व्यावहारिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया। चर्चा के प्रमुख विषयों में संस्थाओं के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंटेशन, डोनर्स तक प्रभावी पहुंच बनाने के तरीके, विभिन्न NGOs के बीच सहयोग और सहकार्यता बढ़ाकर समाज के उत्थान के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने की रणनीतियां शामिल रहीं। इसके साथ ही NGOs को कानूनी और वित्तीय मामलों को व्यवस्थित रूप से संभालने के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

पोस्टर का विमोचन

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कार्यक्रम के हेल्थ पार्टनर सी के बिरला हॉस्पिटल रहे। कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि रिटायर्ड जस्टिस जे के राका थे, जबकि गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ. अमला बत्रा ने कार्यक्रम के उद्देश्य की सराहना करते हुए इसे सामाजिक क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक पहल बताया।

इस अवसर पर रेणु वशिष्ठ ने “सदी के महा संदेश — सत्य से प्रेम, प्रेम से कर्म करें” विषय पर आधारित पोस्टर का विमोचन किया। वहीं डॉ. गीता पारीक ने “ईमानदारी का गल्ला” और “मुझे भी कुछ कहना है” जैसे सामाजिक प्रोजेक्ट्स पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में मयूरी जोशी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

“सत्यमेव जयते” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह कॉन्क्लेव सामाजिक संस्थाओं के बीच संवाद, सहयोग और सामूहिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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