Thursday, 17 September 2026

Home / City /

rajasthan-high-court...

जयपुर के चारदीवारी एरिया में अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट का झटका

जयपुर के परकोटे को बचाने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अवैध निर्माणों पर तत्काल रोक

News Image

राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने करीब 300 वर्ष पुराने ऐतिहासिक जयपुर परकोटा (वॉल्ड सिटी) की विरासत को संरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए परकोटा क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि विश्व धरोहर शहर के रूप में पहचान रखने वाली पिंक सिटी की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को किसी भी कीमत पर क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए।

हाईकोर्ट ने जयपुर नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि वे पूरे मामले की विस्तृत जांच कर यह सुनिश्चित करें कि नगर निगम अथवा सक्षम प्राधिकारी की विधिवत स्वीकृति के बिना किए जा रहे सभी निर्माण कार्यों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। साथ ही संबंधित मामलों में नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि अनधिकृत निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि जयपुर की ऐतिहासिक विरासत और पारंपरिक स्थापत्य शैली के लिए भी गंभीर खतरा हैं।

अदालत ने प्रथम चरण में परकोटा क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इनमें किशनपोल बाजार रोड, चौड़ा रास्ता, जौहरी बाजार रोड तथा चांदपोल बाजार से बड़ी चौपड़ तक त्रिपोलिया गेट और छोटी चौपड़ होकर गुजरने वाला मार्ग शामिल है। इन क्षेत्रों में हो रहे अवैध निर्माणों को प्राथमिकता के आधार पर रोकने, उनकी जांच करने तथा आवश्यक होने पर हटाने की कार्रवाई करने को कहा गया है।

खबरों की अविरल धारा

हाईकोर्ट ने संबंधित प्रतिवादियों और प्रशासन को यह भी निर्देशित किया कि पिंक सिटी के मूल हेरिटेज स्वरूप को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रभावी और समयबद्ध कदम उठाए जाएं। अदालत ने माना कि जयपुर की पहचान उसकी पारंपरिक गुलाबी वास्तुकला, एकरूप बाजारों और ऐतिहासिक भवनों से है, जिसे संरक्षित रखना प्रशासन और नागरिकों दोनों की जिम्मेदारी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हाईकोर्ट के इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया गया, तो परकोटा क्षेत्र में बढ़ते अवैध निर्माणों पर प्रभावी रोक लगेगी और विश्व धरोहर के रूप में जयपुर की ऐतिहासिक पहचान सुरक्षित रह सकेगी। यह आदेश विरासत संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है और भविष्य में शहर के अन्य ऐतिहासिक क्षेत्रों के संरक्षण के लिए भी मार्गदर्शक साबित हो सकता है।

यह भी पढ़ें
×