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20 जिलों में यलो अलर्ट
बारिश, ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट
राजस्थान में मौसम लगातार करवट ले रहा है। पिछले दो दिनों से रेत के बवंडर और धूलभरी आंधी का सामना कर रहे प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को भी मौसम का असर देखने को मिला। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने से कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
सुबह-सुबह कई जिलों में बरसे बादल
सोमवार सुबह सवाई माधोपुर, कोटा, अजमेर और अलवर में बारिश दर्ज की गई। वहीं चित्तौड़गढ़ और नागौर में ओले गिरने से मौसम अचानक ठंडा हो गया। कई इलाकों में आसमान पर बादलों का डेरा रहा और तेज हवाएं भी चलीं।
20 जिलों में यलो अलर्ट, 4 जून तक असर
मौसम विभाग ने प्रदेश के 20 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि आंधी, बारिश और गरज-चमक का यह दौर 4 जून तक जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को बदलते मौसम के बीच सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
जैसलमेर में दिखा रेत का विशाल बवंडर
रविवार को जैसलमेर के सीमावर्ती इलाकों में मौसम का सबसे अलग नजारा देखने को मिला। दोपहर बाद अचानक उठा विशाल रेत का बवंडर देखते ही देखते कई किलोमीटर तक फैल गया। धूल और मिट्टी के गुबार से पूरा इलाका ढंक गया। इसके बाद हुई बारिश और ओलावृष्टि ने तापमान में गिरावट ला दी और तपिश से राहत मिली।
इन जिलों में हुई बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू, जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर, बाड़मेर और जालोर सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से जहां किसानों को राहत मिली है, वहीं भीषण गर्मी का असर भी कुछ कम हुआ है।
गर्मी के बीच राहत का संकेत
मई के आखिरी दिनों में भीषण गर्मी झेल रहे राजस्थान के लिए यह मौसम बदलाव राहत भरी खबर लेकर आया है। हालांकि आंधी और तेज हवाओं के कारण कुछ इलाकों में परेशानी भी हो सकती है, लेकिन फिलहाल बादल, बारिश और ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी है।
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