Friday, 17 April 2026

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हरमाड़ा हादसे में 14वीं मौत, हाइवे पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन

हरमाड़ा हादसे में घायल सिपुर, श्रीमाधोपुर की बेटी वर्षा का भी निधन हो गया, परिजनों ने शाहपुरा ले जाकर शव हाइवे पर रखा

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जयपुर से पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर रवाना हुए, शाहपुरा में त्रिवेणी माेड पर धरना

जयपुर।

हरमाड़ा में लोहा मंडी मोड पर 3 नवंबर की दोपहर बेकाबू डंपर की टक्कर से भीषण सड़क हादसे मे मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। हादसे में घायल 19 वर्षीय वर्षा की गुरुवार को इलाज के दौरान एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई। उसके पिता, चाचा और छोटी बहन की घटना के दिन ही मौत हो गई थी। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव सिपुर, श्रीमाधोपुर सीकर के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही शाहपुरा के पास उनके सब्र का बांध टूट गया। परिजन और रिश्तेदार रास्ते में ही डेड बॉडी का इंतजार कर रहे थे। ज्योंहि शव पहुंचा उन्होंने हाइवे पर रख दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस भी मौके पर पहुंची, समझाइस के प्रयास किए, लेकिन परिजन और गुस्साए लोग मानने को तैयार नहीं दिखे।


त्रिवेणी मोड शाहपुरा पर शव रखकर प्रदर्शन

मृतका वर्षा के परिवार के पंकज ने बताया कि उनके गांव सीपुर, श्रीमाधोपुर जाने के लिए शाहपुरा से पहले त्रिवेणी मोड होकर सड़क है। जयपुर से शव लेकर जा रहे थे, तो वहीं गांव वाले और अन्य लोग पहुंच गए। लोग हादसे के बाद से काफी गुस्से में हैं। वहीं शव रखकर प्रदर्शन करने बैठ गए। मौके पर शाहपुरा से पुलिस जाब्ता भी पहुंच गया। दिल्ली हाइवे पर यातायात बाधित हो गया। दोपहर करीब 1 बजे वर्षा का शव लेकर परिजन जयपुर के एसएमएस अस्पताल से रवाना हुए थे। हरमाड़ा थाना पुलिस ने ही पोस्टमार्टम कराया था। परिजन मृतकों के परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं।


एक ही परिवार में चार मौत

  1. दशरथ बुनकर पुत्र भागीरथ उम्र 49 साल
  2. महेंद्र बुनकर पुत्र भागीरथ उम्र 46 साल (दोनों सगे भाई)
  3. कु. भावना उर्फ भानु पुत्री दशरथ उम्र 7 वर्ष
  4. वर्षा पुत्री दशरथ उम्र 19 वर्ष (दोनों सगी बहनें)

बुनकरों का मोहल्ला सिपुर श्रीमाधोपुर जिला सीकर निवासी दशरथ व महेंद्र सगे भाई थे। भावना और वर्षा दशरथ की बेटी थी। दशरथ और महेंद्र ने गांव में नया मकान बनवाया था। हादसे के दो दिन बाद 5 नवंबर को चूल्हा पूजन (गृह प्रवेश) का कार्यक्रम होना था। दोनों बहनें पिता और चाचा के पास जरूरी सामान खरीदनें आई थी। परिवार 3 नवंबर को गांव जाने के लिए ही लोहामंडी मोड पर पहुंचा था। बस का इंतजार कर रहे थे, तभी बेकाबू डंपर ने कुचल दिया।

दशरथ और महेंद्र के परिवार में कोहराम मचा है। दशरथ और उसकी दो बेटियों की मौत हो गई। उसका एक बेटा और पत्नी बचे हैं। महेंद्र की भी मौत हो गई। उसकी पत्नी और छोटे-छोटे एक बेटा व बेटी हैं। परिवार हादसे के बाद से सदमें हैं। वर्षा का शव लेने भी परिवार के चाचा टीकम व अन्य गांव वाले जयपुर आए थे।





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