jaipur-police-commis...
खोहनागौरियान, कानोता, बस्सी और तूंगा थाने में पुलिस कमिश्नर की वजिट
जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल, डीसीपी ईस्ट संजीव नैन और एसीपी विनय कुमार डीएच साथ मौजूद रहे
जयपुर।
पुलिस कमिश्नर जयपुर सचिन मित्तल अब अपनी लय में आ गए है। शनिवार को उन्होंने जयपुर ईस्ट के डीसीपी संजीव नैन को साथ लिया और थाने चेक करने निकल गए। एक एक कर सुबह से शाम तक जयपुर ईस्ट के चार थानों खोहनागोरियान, कानोता, बस्सी और तूंगा का इंस्पेक्शन किया। क्राइम मीटिंग ली। चारों थाना इंचार्ज से बात की, अनुसंधान अधिकारियों से सवाल जवाब किए और उन्हें पब्लिक डीलिंग में एक्टिव परफॉर्मर रहने के लिए कहा। पुलिस कमिश्नर की अचानक थानों की विजिट से पूरे जयपुर कमिश्नरेट में खलबली मच गई। यह मैसेज पहुंच गया कि सीपी कहीं भी कभी भी पहुंच सकते हैं। जयपुर ईस्ट में यह विजिट सीपी ने हाल ही में प्लान की थी। उनकी विजिट से पहले हालांकि थानों पर मैसेज पहुंच चुका था। आगरा रोड के जामड़ाेली थाने जाने का भी कार्यक्रम था, लेकिन तूंगा से लौटते अंधेरा हो गया, ऐसे में वे सीधे ऑफिस ही लौट गए।
खाहनागौरियान को एक केस पर फटकार
सुबह 11: 30 बजे: सबसे पहले खोहनागौरियान: सूचना पहले से मिल गई थी, थाने की साफ सफाई तो चकाचक दिखी, लेकिन इनवेस्टिगेशन और फाइलों में लापरवाही पकड़ी गई। थाना इंचार्ज को जोरदार लपकाया। आगे से ध्यान रखने की हिदातय दी। जब्त वाहनों का रखरखाव भी ढंग से नहीं था, उस पर भी सही करने के निर्देश दिए।
कानोता में जाम के हालात दिखे
दोपहर 1:30 दूसरे नंबर पर कानोता पुलिस थाना: पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल खौहनागोरियान से निकलकर कानोता पहुंचे। कानोता में नायला मोड पर पहले ही पुलिस के एक्स्ट्रा जवान तैनात कर रखे थे। फिर भी पुलिस कमिश्नर को हालात से दो-चार होना पड़ा। कानोता थाने पर एसीपी बस्सी विनय कुमार डीएच भी पहुंच गए थे। उनकी मौजूदगी में इंस्पेक्शन हुआ, वहां सब ठीक मिला।
बस्सी थाना बना हुआ था कबाड़खाना
दोपहर 3:00 बस्सी थाने की बारी आई: पुलिस कमिश्नर बस्सी पहुंचे और थाने की बिल्डिंग में घुसकर फिर बाहर निकल आए। साइड में से पिछवाड़े तक जाकर थाने का चप्पा-चप्पा देखा। डीसीपी ईस्ट संजीव नैन, एसीपी बस्सी विनय कुमार डीएच और थाना इंचार्ज धर्मेंद्र भी थे। सीपी ने थाने के पीछे जब्त वाहनों और अन्य सामान से कबाडखाने जैसे हालात देखे। फिर सबकी एसएसओ रूम में मीटिंग ली।अनावश्यक कबाड़ को जल्द से जल्द निस्तारित करने के डायरेक्शन दिए। पेंडेंसी और अनुसंधान पर संतोष प्रकट किया।
तूंगा में जवानों के लिए क्वार्टर ही नहीं
शाम के साढ़े 5 बज गए तूंगा पहुंचते-पहुंचते: तूंगा थाना जयपुर से काफी दूर है, लेकिन जयपुर कमिश्नरेट में आता है, तूंगा में ज्यादातर व्यवस्थाएं अप टू डेट मिली, लेकिन पुलिस के जवानों के लिए यहां आवास की समस्या को पुलिस कमिश्नर भांप गए। थाना इंचार्ज श्रीराम से संभावित जगह के बारे में बात की। कहां पुलिसकर्मियों के लिए क्वार्टर बन सकते हैं इस पर विचार किया।
जयपुर में सिर्फ 3 माह के अनुभव वाले ips को लगाया पुलिस कमिश्नर