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करीब डेढ़ माह से एसीबी टीम और परिवादी को छका रहा था कृषि मंडी सचिव, आखिर पकड़ा गया
एसीबी ने ट्रैप किया तो कोने में कुर्सी पर जाकर बैठ गया मंडी सचिव
धौलपुर।
कृषि मंडी में आढ़त लाइसेंस जारी करने के बदले रिश्वत मांग रहे धौलपुर के मंडी सचिव को एसीबी ने 45 हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। वह करीब डेढ़ माह से एसीबी टीम और परिवादी को छका रहा था। उसे भनक रही होगी कि कुछ हो सकता है। हाल ही फरियादी लगभग उसके पैरों में ही गिर गया कि साहब लाइसेंस जारी कर दीजिए, तब जाकर वह अपनी औकात पर आया। 50 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा था, 45 हजार लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
राजस्थान एसीबी के डीजी गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी भरतपुर को एक व्यक्ति ने शिकायत की थी। उसकी माता जी की फर्म श्री बांके बिहारी इण्डस्ट्रीज धौलपुर के नाम से कृषि मण्डी समिति धौलपुर में कृषि जिंस (आढ़त) व्यापार हेतु लाईसेन्स के लिए आवेदन किया था। कृषि उपज मण्डी समिति धौलपुर के सचिव कैलाश चन्द मीणा द्वारा परिवादी को उक्त लाइसेंस जारी करने की एवज में 50,000 रुपए की रिश्वत मांग कर परेशान किया जा रहा है। एसीबी रेंज भरतपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस, राजेश सिंह के सुपरविजन में जगदीश भारद्वाज पुलिस निरीक्षक चार्ज अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीबी भरतपुर द्वारा ट्रेप करते हुए आरोपी कैलाश चन्द मीणा, सचिव, कृषि उपज मण्डी समिति धौलपुर को कार्यालय कृषि उपज मण्डी समिति धौलपुर में परिवादी से 45,000 रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।
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