Thursday, 16 April 2026

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एसीबी की दौसा चौकी में ही चल रही थी रिश्वतखोरी

पिछले दिनों रिश्वत में पकड़े गए फुलेरा थाना इंचार्ज CI चन्द्र प्रकाश मामले की जांच में सिपाही से मांगी 10 लाख रिश्वत

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दो लाख रुपए ले भी लिए

जयपुर।

रिश्वतखोरों को पकड़ो, फिर उनसे केस में नाम जोड़ने-हटाने के नाम पर रिश्वत लो। राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में यह खेल पकड़ा गया। मामला दौसा जिले में स्थित एसीबी चौकी का है। यहां एक मामले के अनुसंधान में एसीबी के एडिशनल एसपी ऑफिस के रीडर ने आरोपी फुलेरा जयपुर ग्रामीण के पूर्व थाना इंचार्ज रहे CI चंद्र प्रकाश के रिश्वत केस में एक सिपाही से 10 लाख रुपए रिश्वत लेकर उने इस मामले से बचाने की डील चल रही थी। सिपाही की फरियादी थी कि उसका मामले से कोई लेना देना नहीं, ट्रेप करने वाली टीम ने उसे नहीं माना, फिर भी नाम जोड़ने-हटाने का मामला चल रहा था। इसके लिए उससे 2 लाख रुपए एडवांस ले भी लिए थे। उसने शिकायत एसीबी मुख्यालय में कर दी। एसीबी ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी। मामला संदिग्ध लगा और रिश्वत की मांग का सत्यापन हो गया तो एसीबी ने अपनी ही चौकी के कर्मचारियों के खिलाफ रिश्वत का प्रकरण दर्ज कर लिया है। दौसा एसीबी चौकी इंचार्ज आरपीएस अफसर नवल किशोर मीणा को वहां से हटाकर एसीबी मुख्यालय अटैच कर दिया गया है, साथ ही एसीबी ऑफिस में ही रिश्वत का खेल खेल रहे उनके रीडर कांस्टेबल हरभान सिंह को सस्पेंड कर दिया है। मामले की अनुसंधान किया जा रहा है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी जयपुर नगर प्रथम ईकाई को एक लिखित शिकायत इस आशय की मिली कि एसीबी में दर्ज मुकदमा नं. 261/2025 विरूद्ध चन्द्र प्रकाश पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी फुलेरा जिला जयपुर ग्रामीण व अन्य में अनुसंधान एसीबी चौकी दौसा के उप अधीक्षक पुलिस नवल किशोर मीणा द्वारा किया जा रहा है। एक परिवादी को इस मामले में मुल्जिम नही बनाने की ऐवज में 10 लाख रिश्वत की मांग करना एवं पूर्व में 2 लाख रूपये प्राप्त कर परेशान किया जा रहा है।

जिस पर आनन्द शर्मा, डीआईजी पुलिस-द्वितीय, एसीबी, जयपुर के निकट सुपरविजन में 12 नवंबर को जयपुर नगर प्रथम ईकाई से रिश्वत की मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया गया। CI चंद्र प्रकाश को प्रकरण में आरोपी नही बनाने की एवज में हरभान सिंह कांस्टेबल बैलट नंबर 591 रीडर द्वारा रिश्वत की मांग किया जाना पाया गया।

2 लाख रुपए पहले ले लिए थे, जो लौटा दिए

हरभान सिंह कांस्टेबल ने सिपाही से 2 लाख रुपए एडवांस ले लिए थे। उसे एसीबी मुख्यालय से कार्रवाई की भनक हो जाने पर उसने 2 लाख रूपये वापस लौटा दिए। यह तथ्य सामने आने पर हरभान सिंह कांस्टेबल रीडर के खिलाफ एसीबी में ही प्रकरण दर्ज किया है। जिसमें अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।

अक्टूबर माह में पकड़ा गया था फुलेरा थाने में रिश्वतकांड

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने फुलेरा थाना अधिकारी चंद्र प्रकाश यादव और प्राइवेट व्यक्ति (दलाल) हैप्पी माथुर को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर जयपुर ग्रामीण इकाई द्वारा की गई। जांच दौसा चौकी को सौंपी गई थी। इस मामले का एसीबी में दर्ज मुकदमा नं. 261/2025 में एक सिपाही को मुल्जिम नहीं बनाने की ऐवज में एसीबी चौकी दौसा के रीडर आरोपी हरभान सिंह कांस्टेबल द्वारा रिश्वत की मांग करना पाये जाने पर उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। जांच की आंच आरपीएस नवल किशोर पर भी है।




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