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साइबर क्राइम के एक केस में फरियादी के भाई को गिरफ्तार नहीं करने के बदले ली रिश्वत
फुलेरा थाना इंचार्ज चंद्र प्रकाश यादव इतना टशन में रहा कि एसीबी ने पकड़ा तो भी वर्दी पहनकर थाना इंचार्ज की कुर्सी पर ही बैठा रहा
जयपुर।
एसीबी ने जयपुर ग्रामीण के फुलेरा थाना इंचार्ज चंद्रप्रकाश यादव को सीएलजी मैंबर को दलाल बनाकर उसके जरिए 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। वह काफी टशन में रहता था, एसीबी टीम ने जब पकड़ा तो ऐंठने लगा। सीएलजी मैंबर और शिकायतकर्ता के बीच का लेनेदेन को बताकर एसीबी को ही धमकाने लगा। एसीबी की जयपुर ग्रामीण युनिट के पुलिस इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने फुलेरा थाना इंचार्ज चंद्र प्रकाश यादव और उसके लिए दलाली कर रहा हैप्पी माथुर (प्राइवेट व्यक्ति) को गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एक शिकायत इस आशय की मिली कि परिवादी के भाई को साइबर क्राइम की शिकायत में गिरफ्तार नहीं करने एवं मामला रफा दफा करने के लिए थानाधिकारी, फुलेरा अपने दलाल हैप्पी माथुर (सीएलजी मेंबर, मोबाइल शॉप मालिक) के जरिए 70 हजार रुपए रिश्वत मांग कर परेशान कर रहा था। शिकायत पर एसीबी के डीआईजी राजेश सिंह के सुपरविजन में एडिशनल एसपी सुनील कुमार सिहाग के नेतृत्व में एसीबी के पुलिस इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने ट्रेप कार्रवाई करते हुए चंद्र प्रकाश यादव पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी फुलेरा एवं दलाल हैप्पी माथुर को 50 हजार रुपए रिश्वत राशि लेते गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दलाल हैप्पी माथुर 20 हजार रुपए पहले वसूल कर चुका था।
फरियादी ने एसीबी टीम को शिकायत करी तो शायद चंद्र प्रकाश यादव CI को संदेह हो गया। वह तीन दिन तक फरियादी को रोज दलाल हैप्पी माथुर के जरिए थाना बुलाता और घंटो बिठाए रखता। एसीबी टीम भी उसकी टोह में बैठी रहती। तीन दिन से कभी तीन घंटे तो कभी चार घंटे तक इंतजार किया। गुरुवार को ज्योंहि थाना इंचार्ज ने बोला कि तुम्हारी किस्मत बढ़िया है, मैं थाना इंचार्ज हूं, वरना कोई दूसरा होता तो... फिलहाल इस मामले में तो तुम्हें फ्री कर दूंगा, लेकिन दूसरा कोई आरोप लग गया, हरियाणा वगैरह से कोई जांच आ गई तो उसका अलग हिसाब होगा।
पकड़ा गया थाना इंचार्ज चंद्रप्रकाश यादव टोंक जिले के पीपलू तहसील में जीलवा गांव का रहने वाला है। उसका दलाल हैप्पी माथुर थाने के पास ही मोबाइल की दुकान चलाता है, उसकी दुकान तो अच्छी चलती है, वह थाने का सीएलजी मैंबर है, इसी आड में पुलिस के लिए दलाल करता था। वह नवंबर 2024 से इसी थाने में इंचार्ज लगा हुआ था। उसके टोंक स्थित निवास पर भी एसीबी टीम भेजी गई है।
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