Tuesday, 15 September 2026

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नमक की मंडी सांभरलेक का 'दारोगा' निकला रिश्वतखोर

जयपुर ग्रामीण में सांभर लेक थानाधिकारी राममिलन मीणा को 50 हजार रिश्वत लेते एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा, सड़क बनाने वाले ठेकेदार से रोड़े नहीं डालने के बदले ली रिश्वत

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एसीबी टीम की गिरफ्त में पुलिस इंस्पेक्टर राम मिलन

आपने मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'नमक का दारोगा' तो पढ़ी होगी। उसमें 'नमक का दारोगा' वंशीधर रिश्वत ठुकरा देता है, लेकिन जयपुर जिले में देश की सबसे बड़ी नमक मंडी वाले थाने का दारोगा रिश्वतखोर निकला। सांभरलेक थाना इंचार्ज राममिलन मीणा को एसीबी ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। उसने एक सड़क बनाने वाले ठेकेदार से मासिक बंधी ले रहा था। 10 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से पांच माह के 50,000 रुपये रिश्वत राशि लेते हुए उसे एसीबी टीम ने थानाधिकारी कक्ष में ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। वह जहां रिश्वत ले रहा था वहां पीछे दीवार पर लिखा था सत्यमेव जयते। दीवार पर सत्यमेव जयते लिखवाकर रिश्वत लेते उसका फोटो वायरल हो गया।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ए.सी.बी. जयपुर नगर-प्रथम, जयपुर इकाई को एक सड़क निर्माण ठेकेदार के बेटे ने शिकायत की थी। उसका कहना कि पिता के नाम की फर्म को पीडब्ल्यूडी विभाग से प्राप्त सड़क निर्माण कार्य को थाना क्षेत्र में निर्बाध रूप से चालू रखने की एवज में राममिलन मीणा, पुलिस निरीक्षक द्वारा हर माह रिश्वत की मांग कर परेशान किया जा रहा है। रिश्वत राशि नहीं देने पर परिवादी की निर्माण साइट पर लगे वाहनों एवं कर्मचारियों को थाने ले जाकर परेशान किया जा रहा था।

पहले 20 हजार महीना मांग रहा था, फिर 10 हजार में राजी हुआ

एसीबी के डीआईजी ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि थाना इंचार्ज राममिलन के खिलाफ 20 हजार रुपए महीना बंधी मांगने की शिकायत मिली थी। इस पर भूपेन्द्र, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ए.सी.बी. जयपुर नगर-प्रथम, जयपुर के नेतृत्व में मनोज कुमार शर्मा, पुलिस निरीक्षक द्वारा रिश्वत मांग का सत्यापन करवाया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी राममिलन मीणा प्रत्येक माह 10,000 रुपये के हिसाब से कुल 50,000 रुपये रिश्वत राशि की मांग करना पाया गया।

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पांच माह की बंधी 50 हजार लेते पकड़ा गया

इस पर ट्रैप टीम के साथ ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी राममिलन मीणा पुत्र राधेश्याम मीणा को परिवादी से 50,000 रुपये रिश्वत राशि थानाधिकारी कक्ष में लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। एसीबी की महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमला के सुपरवीजन में आरोपी से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।

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