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माणक चौक थाने में 2.58 लाख लूट की FIR दर्ज कराने वाला ही निकला लूट की वारदात का मास्टर मांइड
दो दोस्तों के साथ लूट का मास्टर माइंड गिरफ्तार
जयपुर।
जालूपुरा जयपुर में 9 नवंबर को एक बाइक सवार ने 2.58 लाख रुपए की लूट की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस अनुसंधान में वारदात खुद शिकायत करने वाले की ही साजिश निकली। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कराने वाले से ही सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और पूरी वारदात की साजिश और वारदात के लिए बुलाए अपने दोस्तों के नाम उगल दिए। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर पूरी रकम भी बरामद कर ली। डीसीपी जयपुर (नार्थ) करण शर्मा ने बताया कि सुरेन्द्र शर्मा पुत्र गिरिराज शर्मा निवासी 335, सूर्या सिटी, तिलक हाॅस्पिटल, आगरा रोड, जयपुर ने 9 नवंबर को बताया था कि जालूपुरा थाना इलाके में उसके साथ लूट हो गई। उसके बैग में 2,58,000 रूपये कैश थे। जिसमें 1, 50,000 रूपये HDFC Bank किशनपोल बाजार से चेक से जीजा ने दिये थे। वो भी उसी बैग में रखे थे। किशनपोल से अतुल ईएनटी पर वह पार्सल लेने जा ही रहा था, रास्ते में SBI Bank के सामने गोपीनाथ मार्ग पर दो बाइक सवार लोगों ने बैग छीन लिया और गिरकर बेहोश हो गया। लोगों ने पानी पिलाया। सूचना देकर पुलिस बुलाई, पुलिस ने एम्बुलेंस बुलाकर उसे SMS हॉस्पिटल में भेज दिया। जहां उसे एडमिट कर उपचार चालू कर दिया गया।
एडीसीपी बजरंग सिंह के सुपरविजन में खुलासा
मामले के खुलासे के लिए एडीसीपी बजरंग सिंह के निर्देशन में डीएसटी नार्थ इंचार्ज दिलीप सोनी व थाना इंचार्ज हवासिंह मंगावा की टीम गठित की गई। पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल पर जाकर सीसीटीवी कैमरे देखे।जिनमें काफी सारी सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक बिना नम्बरी मोटरसाइकिल पर दो अज्ञात संदिग्ध शख्स हेलमेट पहनकर उसका पीछा करते हुए नजर आए। इस घटना को ट्रेस आउट करना इतना आसान नहीं था, टीम द्वारा घटनास्थल पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर बाइक सवार आरोपियों का लूट की वारदात को इतनी आसानीपूर्वक अंजाम देना प्रथम दृष्टिया से संदिग्ध लगा।
शिकायतकर्ता की भूमिका ही संदिग्ध प्रतीत हुई
पुलिस ने FIR दर्ज कराने वाले जिसमें उसकी भूमिका की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हुई। पुलिस टीम द्वारा HDFC Bank किशनपोल बाजार से घटनास्थल तक के सभी सीसीटीवी कैमरों के फूटेज को गहनतापूर्वक देखने पर पीड़ित की भूमिका ही संदिग्ध प्रतीत हो रही थी। जिसके बाद पीड़ित को थाने पर बुलाकर सामान्य पूछताछ की गई तो पीड़िता कभी कुछ व कभी कुछ कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने लगा एवं कोई सन्तोषजनक जवाब नहीं दिया। जिससे पुलिस का संदेह पीड़ित पर ओर गहरा गया, उसके बाद गहनतापूर्वक पूछताछ करने पर बताया कि मुझ पर काफी कर्जा हो रखा है। जीजा के रुपए हड़पना चाहता था। स्वयं ही लूट का प्लान बनाया तथा अपने दोस्त अनिमेश मीणा निवासी दौसा को आधी रकम का लालच देकर लूट की प्लानिंग में शामिल कर लिया। अनिमेश मीणा ने अपने दोस्त हरकेश मीणा उर्फ रामकेश को अपनी बिना नम्बरी मोटरसाइकिल पर हेलमेट लगाकर दौसा से अजमेरी गेट जयपुर ले आया एवं पीड़ित के इशारे का इन्तजार करने लगा।
बैग को पीछे से खोलकर टंकी पर रखा तो संदेह पक्का हो गया
जालूपुरा स्थित गोपीनाथ मार्ग तक रुपयों का बैग बाइक के पीछे लटका रखा था। जिसको लूटना आसान नहीं था, तब मोटरसाइकिल रोककर बैग को पीछे से हटाकर बाइक की टंकी पर रख लिया एवं अनिमेश मीणा को इशारे से बताया कि बैग छीनकर भाग जाओ। प्लानिंग के मुताबिकअनिमेश व हरकेश उसकी मोटरसाइकिल से SBI Bank के सामने गोपीनाथ मार्ग पर रूपयों का बैग छीन लिया एवं फरार हो गये। सुरेंद्र ने मौके पर बेहोश होने का नाटक किया। हॉस्पिटल से प्राथमिक उपचार लेकर अपने आगरा रोड स्थित किराये के कमरे पर चला गया। जीजा एवं बहन को शक ना हो इसलिये 2.58 हजार रुपए के लूट की कहानी बनाकर पुलिस थाना जालूपुरा में रिपोर्ट दर्ज करवा दी। पुलिस टीम द्वारा अपने अथक प्रयासों से वारदात को ट्रेस आउट कर लिया।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
आरोपी सुरेन्द्र शर्मा के कब्जे से 1,08,000 (एक लाख आठ हजार रूपये) व आरोपी अनिमेश मीणा के कब्जे से 1,50,000 (एक लाख पचास हजार रूपये) बरामदगी के साथ 1 बिना नम्बरी मोटरसाइकिल जब्त की गई है। अग्रिम अनुसंधान पुलिस थाना जालूपुरा द्वारा गहनतापूर्वक किया जा रहा है।