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एसओजी ने कोर्ट लिपिक भर्ती में नकल से चयनित हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया
सरकारी नौकरी कर रहे थे, अब जेल जाएंगे
प्रतियाेगी परीक्षाओं में नकल कर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले 4 कोर्ट बाबू एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें पेपर लीक और कुख्यात नकल माफिया पोरव कालेर ने ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कराई थी। पोरव कालेर ने इसके लिए स्पेन से 90 हजार कीमत के स्पाई कैमरे मंगवाए थे। स्पाई कैमरे देकर अपने एजेंट्स को परीक्षा में बैठाया, पेपर मिलते ही एजेंट्स ने उन्होंने स्पाई कैमरे से फोटो खींचकर उसे भेज दी। पोरव कालेर ने साल्वर्स की टीम बैठाकर पेपर को कुछ ही समय में सॉल्व कराया, फिर ब्लूटूथ डिवाइस लगाकर भेजे गए अभ्यर्थियों को सॉल्व किया गया पेपर पढ़वाया गया। SOG के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की तरफ से आयोजित कनिष्ठ न्यायिक सहायक, लिपिक ग्रेड-द्वितीय एवं सहायक लिपिक ग्रेड-द्वितीय के संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में हाई-टेक नकल कर चयनित हुए चार अभ्यर्थियों को एसओजी ने गिरफ्तार किया है।यह परीक्षा वर्ष 2022 में 12.03.2023 एवं 19.03.2023 को संपन्न हुई थी।
ऐसे उजागर हुआ हाई-टेक नकल तंत्र?
बंसल ने बताया कि इसी अवधि में आयोजित हुई ईओ-आरओ परीक्षा में भी अनुचित साधनों के प्रयोग की सूचना मिलने पर एसओजी ने गहराई से जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण, इनपुट संग्रह और पूछताछ में यह सामने आया कि पेपर लीक सरगना पोरव कालेर एवं उसका साथी तुलसाराम कालेर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से रियल टाइम उत्तर भरवाने का खेल करवा रहे थे। इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर पोरव कालेर को गिरफ्तार किया गया था।
एसओजी की यह बड़ी सफलता
इसके बाद DIG एसओजी परिस देशमुख के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई, जिसने सुनियोजित तरीके से सभी परीक्षाओं का विश्लेषण किया और यह स्थापित किया कि हाईकोर्ट कनिष्ठ लिपिक परीक्षा भी इसी गिरोह द्वारा आउट कर नकल करवाई गई थी ।
इस आधार पर प्रकरण संख्या 09/2025, थाना एसओजी, जयपुर में अभियोग पंजीबद्ध कर विस्तृत अनुसंधान किया गया।
नकल का पूरा तरीका
हाई-टेक स्पाई कैमरा और ब्लूटूथ नेटवर्क के जरिए सरगना पौरव कालेर ने नकल कराई थी। इसके बदले कालेर गैंग ने लाखों रूपए में डील की गई थी।
स्पेन से मंगाया था स्पाई कैमरा
नकल करवाने के लिए पौरव कालेर ने स्पेन से 90,000 रुपये में 'Innova Chem Drop Box' स्पाई कैमरा मंगवाया था। फिर उसके द्वारा अपने गैंग के ही दो सदस्य जो की इस परीक्षा में अभ्यर्थी बनकर भाग ले रहे थे उनको यह स्पाई कैमरा दिया गया। इन दोनों ने जैसे ही उनको प्रश्न पत्र मिला तो तुरंत ही इन्होंने इस स्पाई कैमरे से पूरे प्रश्न पत्र की स्क्रीनशॉट लेकर सरगना पौरव कालेर को भिजवा दिया । प्लान के अनुरूप सरगना पौरव कालेर इस प्रश्न को सॉल्व करने की काबिलियत रखने वाले एक्स्पर्ट्स के साथ एक नियत स्थान पर तैयार था। जैसे ही उसके पास में प्रश्न पत्र आया उसने तुरंत ही उसका प्रिंट निकालकर अपनी सॉल्वर एक्सपेर्ट टीम को दे दिया, जिन्होंने तुरंत प्रश्न पत्र सॉल्व करके और उसके उत्तर पोरव कालेर को दे दिए। इसके बाद पौरव कालेर द्वारा मोबाइल के माध्यम से जिन-जिन अभ्यर्थियों को उसने ब्लूटूथ डिवाइस दी थी। उनसे एक विशेष डिवाइस की मदद से संपर्क किया और उन सभी को सही उत्तर पढ़ा दिए।स्पाई कैम से स्क्रीनशॉट लेकर फोटो भेजने वालों में परीक्षा दिनांक 12.03.2023 को जितेन्द्र उर्फ अक्षय जाट और परीक्षा दिनांक 19.03.2023 को राजेश कुमार बिजारणियां द्वारा पौरव कालेर को भेजे जाते थे। पकड़े गए चारों अभ्यर्थी नकल के आधार पर परीक्षा में उत्तीर्ण होकर कनिष्ठ लिपिक के पद पर नियुक्त हो गए थे और चयन के उपरांत तय राशि पौरव कालेर को दे दी थी।
गिरफ्तार चारों आरोपी पदस्थापित थे
पौरव कालेर सहित 20 गिरफ्तार
इस प्रकरण में अब तक सरगना पौरव कालेर सहित 20 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। न्यायालय द्वारा चारों अभियुक्तों को 10.12.2025 तक पुलिस रिमाण्ड पर भेजा गया है। इनसे पूछताछ में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका तथा वित्तीय लेन-देन की जांच जारी है। एडीजी विशाल बंसल ने कहा कि सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने वालों के विरुद्ध एसओजी कठोरतम कार्रवाई जारी रखेगी। परीक्षाओं की शुचिता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना राज्य पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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