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हरदा में ड्यूटी के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से हुई थी मौत
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ लोकेश कुमार को दी अंतिम विदाई
भरतपुर के जिरौली गांव निवासी RPF कॉन्स्टेबल लोकेश कुमार का मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार किया गया। तिरंगे में लिपटा शव गांव पहुंचने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अंतिम संस्कार से पहले RPF अधिकारियों ने पुष्प चक्र अर्पित कर सलामी दी और गार्ड ऑफ ऑनर दिया। ग्रामीणों ने ‘लोकेश कुमार अमर रहे’ के नारे लगाकर उन्हें अंतिम विदाई दी। लोकेश कुमार की 9 अगस्त को मध्य प्रदेश के हरदा रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। बारिश के बीच प्लेटफॉर्म पर गश्त करते समय पैर फिसलने से वह ट्रैक पर गिर गए। इसी दौरान लोकमान्य तिलक गोरखपुर मुंबई सुपरफास्ट एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी। हादसे में उनके दोनों पैर धड़ से अलग हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद GRP और RPF की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद शव को उनके भाई चंद्रशेखर भरतपुर लेकर पहुंचे। बुधवार तड़के करीब 4 बजे शव जिरौली गांव पहुंचा।
लोकेश करीब तीन साल से हरदा स्टेशन पर तैनात थे। वह पत्नी रीना, 8 साल की बेटी याशिका और 5 साल के बेटे अर्पित के साथ हरदा में किराए के मकान में रहते थे। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है।
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