Friday, 17 April 2026

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हत्यारे डंपर चालक पर 'आपराधिक मानव वध' का केस

बीएनएस की धारा 105 में केस रजिस्टर, दुर्घटना अनुसंधान ईकाई की जगह हरमाड़ा थाना पुलिस करेगी जांच

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हादसे के बाद मौके पर मच गया था कोहराम, डंपर से टकराए वाहन वाहन और कुचले हुए लोग यहां वहां गिरे थे

जयपुर।

लोहामंडी रोड पर सोमवार दोपहर नशे में रैश ड्राइविंग और कार चालक से बहस के बाद गुस्से में वाहन दौड़ाते हुए 13 लोगों की जान लेने वाले डंपर चालक पर जयपुर पुलिस ने 105 बीएनएस में केस रजिस्टर किया है। यह आईपीसी की पुरानी धारा 304 के समान सदोष वध या आपराधिक मानव वध के लिए लगाई जाती है। इसमें इस मामले में सीएम भजन लाल शर्मा ने कड़ी से कड़ी कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए थे। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की नई धारा 105 बीएनएस में केस दर्ज किया है। हरमाड़ा थाने में दर्ज हुई इस मामले की एफआईआर नंबर 544 में पुलिस ने धारा 105 बीएसएस लगाई है। इस केस की जांच पुलिस आपराधिक मामले की तरह ही करेगी। दुर्घटना अनुसंधान ईकाई की जगह केस की जांच हरमाड़ा थाना इंचार्ज उदयसिंह को दी गई है। इससे पहले जयपुर में जेडीए सर्किल पर हुए एक हादसे में भी पुलिस ने ठीक इसी तरह आपराधिक मानव वध का केस दर्ज किया था। तब पुरानी भारतीय दंड संहिता की धारा 304 लगाई गई थी।


धारा 105 बीएनएस में केस रजिस्टर किया गया है।

धारा 105 बीएनएस गैर-इरादतन हत्या के लिए सजा का प्रावधान करती है। मृत्यु का कारण बनने वाला कार्य मृत्यु कारित करने के इरादे से किया गया है, तो आजीवन कारावास या 10 साल तक का कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। यदि यह कार्य जानते हुए किया गया है कि इससे मृत्यु हो सकती है, लेकिन उसका इरादा नहीं था, तो सजा 10 साल तक का कारावास और जुर्माना हो सकती है।

बीएनएस धारा 105 के तहत उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान।


  • पहली स्थिति (इरादे के साथ):यदि व्यक्ति ने कोई ऐसा कार्य किया है जिससे मृत्यु हुई है, और यह कार्य मृत्यु कारित करने के इरादे से या ऐसी शारीरिक चोट पहुंचाने के इरादे से किया गया है जिससे मृत्यु होने की संभावना है, तो सजा आजीवन कारावास या कम से कम पांच वर्ष और अधिकतम दस वर्ष तक का कारावास और जुर्माना हो सकती है।
  • दूसरी स्थिति (ज्ञान के साथ):यदि व्यक्ति ने ऐसा कार्य किया है यह जानते हुए कि इससे मृत्यु होने की संभावना है, लेकिन उसका मृत्यु कारित करने या गंभीर चोट पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था, तो सजा दस वर्ष तक का कारावास और जुर्माना हो सकती है।

दुर्घटना अनुसंधान ईकाई की जगह, थाना पुलिस करेगी जांच।


इस मामले में घायल दिग्प्रताप सिंह पुत्र भंवर सिंह जादौन ने डंपर नंबर RJ 14 GP 8724 के चालक कल्याण मल के खिलाफ हरमाड़ा थाने में धारा 105 बीएनएस में एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि वह अपनी मां के साथ स्कूटी से लोहामंडी जा रहा था। इसी दौरान डंपर चालक ने जानबूझकर तेज गति एवं लापरवाही व खतरनाक ढंग से डंपर चलाते हुए पैदल व्यक्तियों, दोपहिया वाहनों व चार पहिया वाहनों को टक्कर मारी। जिससे कई लोग मर गए व कई घायल हो गए। मामले का अनुसंधान हरमाड़ा थानाधिकारी उदय सिंह कर रहे हैं। जबकि अमूमन एक्सीडेंट के मामलों में दुर्घटना अनुसंधान ईकाई द्वारा जांच की जाती है।



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