Thursday, 16 April 2026

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कुख्यात निर्भय गुर्जर का 'टाईगर' 23 साल बाद गिरफ्तार

50 हजार का था इनामी, हर 6 माह में बदल देता था मोबाइल नंबर और अपनी पहचान

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23 साल से फरार चल रहा था, कई राज्यों में ठिकाना बदलकर रहा

आगरा।

कमिश्नरेट आगरा की थाना डौकी पुलिस ने कुख्यात डकैत निर्भय गुर्जर के एक साथी को गिरफ्तार किया है, जो कि 23 साल से फरार चल रहा था। अब तक वह कई राज्यों में अपना ठिकाना बदलकर रह रहा था। कुख्यात टाइगर उर्फ बबलू पर अपहरण और फिरौती के मामले में मुकदमा दर्ज था। टाइगर उर्फ बबलू पर 50 हजार का इनाम रखा हुआ था


"निर्भय गुर्जर"

उत्तर प्रदेश के नामी डकैतों में शुमार रहा है। आगरा के चंबल स्थित बीहड़ में उसका ठिकाना होता था। डीसीपी पूर्वी जोन सैयद अली अब्बास ने बताया कि वर्ष 2002 में 18 वर्षीय ओम प्रकाश का अपहरण किया गया था। मामले में पिढौरा थाना में मुकदमा दर्ज हुआ था। अपहृत के पिता से 18.51 लाख की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस ने दाऊजी सहित अन्य अपहरण कर्ताओं को गिरफ्तार किया था। मगर टाइगर हाथ नहीं आ सका था। आरोपी निर्भय गुर्जर गैंग के लिए काम करता था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था। गैर जमानती वारंट जारी कराए कुर्की भी हुई। मगर टाइगर हाथ नहीं आ सका।


500 से शुरू हुआ था इनाम

टाइगर उर्फ बबलू पर आगरा पुलिस द्वारा पहले 2004 में 500 रुपए का इनाम रखा गया था। फिर बाद में ऐसे 25 हजार और 50 हजार कर दिया गया। डौकी पुलिस को सूचना मिली थी कि वह फिर से वारदात के इरादे से आया हुआ है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, कानपुर और फिरोजाबाद में भी नाम और मोबाइल नंबर बदलकर रहा था। पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार ने इनामी बदमाश को पकड़ने वाले पुलिस टीम को 25 हजार नगद पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।


इनकी मेहनत लाई रंग

23 साल से फरार चल रहे बदमाश को पकड़ने की मुख्य भूमिका में थानाध्यक्ष डौकी योगेश कुमार, सब इंस्पेक्टर धनेश कुमार, कांस्टेबल सुमित कुमार और राजीव कुमार की कई दिनों की मेहनत है। राजीव पाराशर इससे पहले आगरा जिले की एसओजी टीम में तैनात थे। इस केस को खोलने में थाने की टीम के साथ राजीव पाराशर ने भी अपनी टीम के अनुभव का योगदान दिया।

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