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एक वकील के साथ कथित पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट के विरोध में गुस्सा फूटा, हजारों वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन
जयपुर कमिश्नरेट कार्यालय मे घुसकर पुलिस के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया
जयपुर।
आदर्श नगर थाने में एक वकील से मारपीट के विरोध में गुरुवार को जयपुर के वकील पुलिस के खिलाफ तैश में आ गए। कथित पुलिस टार्चर के शिकार वकील को साथ लेकर हजारों वकीलों ने विरोध किया। कुछ वकीलों ने कोर्ट के बाहर रास्ता रोककर प्रदर्शन किया तो कुछ ने पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय पर चढ़ाई कर दी। पुलिस ने वकीलों को कमिश्नरेट में घुसने दिया, मनमानी करने दी। वकीलों ने कमिश्नरेट परिसर में घुसकर जमकर पुलिस को खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान पुलिस वाहनों के कांच भी टूटे। कमिश्नरेट में इस तरह घुसना पुलिस पर सीधा हमला है।
पुलिस वालों ने काफी संयम बरता
जब वकील कमिश्नरेट पहुंचे तो CP सचिन मित्तल हाईकोर्ट गए हुए थे। पीछे से एडिशनल कमिश्नर मनीष अग्रवाल और योगेश दाधीच थे। उन्होंने काफी संयम बरता। वकीलों की मांग पर आदर्श नगर थाने के हैडकांस्टेबल रत्तिराम को सस्पेंड कर मारपीट की FIR दर्ज कर ली।
वकीलों के अगले माह चुनाव आ गए
इस मामले में हैरान करने वाली बात यह रही कि वकील भी दो धड़ों में थे। एक धड़ा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर मामले में कार्रवाई करना चाह रहा था। दूसरे पक्ष के वकील उग्र प्रदर्शन के मूड में थे। वे पुलिस कमिश्नरेट कूच कर गए और जमकर नारेबाजी व घेराव कर डाला।
13 वर्ष बाद फिर उसी तरह का गुस्सा
आपको याद होगा कि वर्ष 2012 में जयपुर पुलिस के खिलाफ भी वकीलों ने भारी हंगामा किया था। तब पुलिस ने बल प्रयोग कर दिया था। इससे मामला बढ़ गया था, शहर की शांति भंग हो गई थी। सरकार ने तत्कालीन पुलिस कमिश्नर बीएल सोनी को हटा दिया था। इसके बाद बीएल सोनी को वकीलों ने ढंग की जगह नहीं लगने दिया। हालांकि जयपुर के नए कमिश्नर सचिन मित्तल थोड़ा स्टैंड लेते हैं। वे जिस समय वकील पहुंचे ऑफिस में नहीं थे।