jal-jeevan-mission-s...
जल जीवन मिशन घोटाला: 20 हजार करोड़ के टेंडरों में गड़बड़ी का आरोप
सुबोध अग्रवाल पर शिकंजा, महेश जोशी समेत अन्य की जांच जारी
राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल के खिलाफ जयपुर स्थित एसीबी कोर्ट में करीब 17,500 पन्नों का विस्तृत चालान पेश किया है।
एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी की जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों और कूटरचित कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्रों के जरिए करीब 979 करोड़ रुपये के टेंडर हासिल किए गए। जांच एजेंसी का दावा है कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कुछ अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत से टेंडर प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ।
एसआईटी की जांच के अनुसार, 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की निविदाओं में नियमों के विपरीत साइट विजिट प्रमाण-पत्र को अनिवार्य बनाया गया। इससे बोलीदाताओं की पहचान उजागर हुई और टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हुई। जांच में यह भी सामने आया कि कई परियोजनाओं में 30 से 40 प्रतिशत तक असामान्य टेंडर प्रीमियम प्राप्त हुए।
एसीबी के मुताबिक, करीब 20 हजार करोड़ रुपये के टेंडरों में पद के दुरुपयोग और व्यापक भ्रष्टाचार के प्रमाण मिले हैं। मामले में पहले ही 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है।
पूर्व मंत्री महेश जोशी , संजय बड़ाया और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच अभी जारी है। एसीबी का कहना है कि अनुसंधान पूरा होने के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें