Friday, 17 April 2026

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राजस्थान में अपराधियों को सजा का आंकड़ा 18 प्रतिशत बढ़ा

देश के लागू हुए तीन तीन कानूनों से राजस्थान में अपराध और अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता

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भारतीय न्याय संहिता को लागू हुए एक वर्ष पूरा होने पर जयपुर में गृह मंत्री अमित शाह की यात्रा

जयपुर।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी में तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित ‘नव विधान-न्याय की नई पहचान‘ प्रदर्शनी के शुभारंभ किया। अमित शाह ने समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि तीन नए कानूनों के लागू होने के बाद राजस्थान में अपराधियों को सजा दिलाने की दर में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। एक वर्ष के समय में सजा दिलाने की दर 42 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत पहुंच गई है। इसे हम 90 प्रतिशत तक लेकर जाएंगें। नए कानून नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को सुलभ और सुगम बनाते है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय इन कानूनों की क्रियान्विति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि तीन नए कानूनों पर राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रदर्शनी का आवश्यक रूप से अवलोकन करें।

ईज ऑफ जस्टिस में बड़ा परिवर्तन

केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ईज ऑफ लिविंग के लिए देश में कई परिवर्तन किए हैं और इन नए कानूनों के माध्यम से देशभर में ईज ऑफ जस्टिस में भी बड़ा परिवर्तन होगा। उन्होंने कहा कि इन कानूनों में महिलाओं, बच्चों के साथ-साथ ई-एफआईआर और जीरो एफआईआर के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। साथ ही, 7 साल से अधिक की सजा वाले अपराधों में फॉरेन्सिक जांच को अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि इनमें आतंकवाद, मॉब लिंचिंग, डिजिटल अपराध की पहली बार व्याख्या भी की गई है।


दुनिया में सबसे आधुनिक होगी भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली

उन्होंने कहा कि तीन नए कानून 21वीं सदी के सबसे बड़े रिफॉर्म्स हैं। इनके पूर्ण क्रियान्वयन के बाद भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली दुनिया की सबसे आधुनिक न्याय प्रणाली होगी। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के लागू होने के बाद विभिन्न अपराधों में चार्जशीट दायर करने की दर 50 प्रतिशत पहुंच गई हैं जिसे हम 90 प्रतिशत तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के बाद जो भी एफआईआर दर्ज होगी उसमें तीन साल के भीतर न्याय भी सुनिश्चित होगा।

डीजीपी राजीव शर्मा की अमित शाह ने तीन नए कानूनों से जोड़कर तारीफ की। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रदेश के डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के नेतृत्व में तीन नए कानूनों पर लगाई गई प्रदर्शनी शानदार है। उन्हाेंने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को कहा कि इस प्रदर्शन को दिपावली तक चलाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसे देखें और इसके जरिए नए कानूनों से अवेयर हो सके। गृह मंत्री ने कहा कि आज राजस्थान के डीजीपी राजीव कुमार शर्मा इन नए कानूनों को तैयार करने वाली टीम के सदस्य रह चुके हैं। राजीव शर्मा केंद्र में गृह मंत्रालय में ही डेपुटेशन पर थे, जब ये कानून बन रहे थे। उन्होंने हजारों सुझाव, आपत्तियां सुनी और समझी। तीन नए कानूनों के बनने और इनके इंप्लीमेंटेशन में उनका योगदान है।


इस कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि तीन नए आपराधिक न्याय कानूनों से भारतीय न्याय प्रणाली अधिक गतिशील एवं आधुनिक बनी है। राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा इन नए आपराधिक कानूनों के अन्तर्गत नियम और अधिसूचना जारी करके इनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। ये नए कानून केवल दण्ड देने के लिए नहीं, बल्कि समाज को राह दिखाने का माध्यम बनेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में लगाई जा रही प्रदर्शनी जन-जन तक इन कानूनों की जानकारी पहुंचाने में उपयोगी साबित होगी। पुलिस महानिदेशक

राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि इन नए कानूनों से देश में न्याय प्रणाली दंड की अवधारणा से न्याय की अवधारणा की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान पुलिस इन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा, विधि मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद मदन राठौड़, केन्द्रीय गृह सचिव गोविन्द मोहन, मुख्य सचिव सुधांश पंत, एनसीआरबी निदेशक आलोक रंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण सीएलजी सदस्य, अधिवक्ता, आमजन तथा वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से बड़ी संख्या में पुलिस कार्मिक भी जुड़े।

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दंड से न्याय की ओर बढ़े

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