Saturday, 1 August 2026

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गंगा दशहरा: पापों से मुक्ति और पुण्य का पर्व

शिव की जटाओं से धरती पर आईं मां गंगा

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जानिए क्यों खास है यह पर्व

Ganga Dussehra 2026: देशभर में आज गंगा दशहरा का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इसी वजह से हर साल यह पर्व खास महत्व रखता है।

पौराणिक कथा

राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा पृथ्वी पर आने को तैयार हुईं, लेकिन उनका वेग इतना तेज था कि धरती इसे सहन नहीं कर सकती थी। तब भगवान शिव ने गंगा को अपनी जटाओं में समेट लिया और फिर धीरे-धीरे पृथ्वी पर प्रवाहित किया।

खबरों की अविरल धारा

धार्मिक ग्रंथों में इस दिन ‘दस’ संख्या का भी विशेष महत्व बताया गया है। इसलिए कई श्रद्धालु दस दीपक, दस फल या दस प्रकार के दान अर्पित करते हैं। मान्यता है कि इससे मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

गंगा दशहरा के दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और दान-पुण्य करते हैं। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से जीवन के कष्ट कम होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। हरिद्वार, वाराणसी और प्रयागराज जैसे तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है।


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