Thursday, 16 April 2026

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पुलिस ने साइबर ठगी की कंप्लेन बंद कर दी तो युवक ने कोर्ट से फिर करा दी एफआईआर

जयपुर के कानोता थाना इलाके में पुलिस जांच में लापरवाही का मामला

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क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाने के नाम पर साइबर ठग ने कॉल किया और 99998 ठगे

जयपुर।

कानोता थाना क्षेत्र में क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर एक युवक के साथ धोखाधड़ी हो गई। जिस पर युवक ने थाने में मामला दर्ज करवाया । पीड़ित युवक ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी के सबूत पुलिस को दे दिए लेकिन पुलिस ने केस दर्ज करने के बावजूद जांच में कुछ नहीं मिलने की बात कहकर क्लाेजर लगा दिया था। ठगी का शिकार युवक पुलिस की कार्यवाही से संतुष्ट नहीं हुआ और इस्तगासे के जरिए पुनः मामला दर्ज करवाया है।

युवक ने बताया कि मेरा इंडसइंड बैंक संगम टावर जयपुर का क्रेडिट कार्ड है जिसे पिछले दो वर्ष से लेनदेन करते आ रहा हूं। 26 दिसंबर 2024 को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के लिए मोनिका नाम की एक महिला जिसने अपने आप को जयपुर में बैंक की एरिया मैनेजर क्रेडिट कार्ड बताते हुए अपना परिचय दिया और क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारियां साझा करने को कहा। महिला ने विश्वास में लेने के लिए अपना आई कार्ड भी भेजा। जिस पर युवक को विश्वास हो गया और क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारियां साझा कर दी। महिला ने बताया कि आपकी क्रेडिट कार्ड की लिमिट 202000 से बढ़कर 306000 हो जाएगी । लिंक भेजने की बात कही। जिस पर बैंक डिटेल भरनी थी। महिला के कहे अनुसार युवक ने जानकारी भर दी। इसके बाद तुरंत उसके क्रेडिट कार्ड से 99,998 रुपए कटने का मैसेज आ गया। धोखाधड़ी का पता चलने पर वह एसओजी मुख्यालय में राज्य स्तरीय साइबर थाना घाटगेट,जयपुर पहुंचा। वहां से पुलिस कमिश्नर कार्यालय जाकर जयपुर के साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा गया। वहां गया तो भी संतुष्टिपूर्ण जवाब नहीं मिला, तब युवक ने अपने स्थानीय पुलिस थाना कानोता में कंप्लेन दर्ज करा दी। कई दिन बाद थाने गया तो जांच अधिकारी ने कहा कि आपके क्रेडिट कार्ड से डेबिट किए गए रुपए किसी दीगर व्यक्ति द्वारा विड्रोल किए गए हैं जिनका किसी भी स्थिति में रिकवर कर पाना संभव नहीं है । इसलिए आपकी जांच पूर्ण हो चुकी है मेरी तरफ से प्रकरण में कोई जांच पेंडिंग नहीं है। युवक ने पुलिस को अपने क्रेडिट कार्ड से डेबिट होकर रत्नाकर बैंक लिमिटेड बांदा जिला उत्तर प्रदेश मुख्यालय में ट्रांसफर के दस्तावेज भी उपलब्ध करवा दिए। युवक ने अपने स्तर पर जांच कर पुलिस को बताया कि मेरे क्रेडिट कार्ड से जो पैसे ट्रांसफर किए गए हैं उस खाते को अवैधानिक तरीके से लेन-देन करने के कारण होल्ड कर दिया गया है और मेरे कार्ड से निकले हुए रुपए अभी उसमें मौजूद है। जिस खाते में ट्रांसफर किया गया वह खाता मर्चेंट अकाउंट है जो कि आनंद मिश्रा के नाम से है और अवैधानिक लेनदेन की वजह से अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया है। अपने स्तर पर शाखा प्रबंधक से संपर्क किया तो शाखा प्रबंधक की तरफ से जवाब मिला संबंधित थानाधिकारी या जांच अधिकारी या संबंधित न्यायालय के आदेश अनुसार हमारी शाखा को ईमेल या न्यायिक या शासकीय आदेश भिजवा दीजिए हम आपके खाते में 99998 वापस ट्रांसफर कर देंगे। इतनी जांच पड़ताल स्वयं फरियादी द्वारा करने के बाद भी कानोता पुलिस ने मामले को बंद कर दिया। युवक ने अब कोर्ट की शरण ली और इस्तागासा पेश किया। कोर्ट ने उसके इस्तगासे पर कानोता थाना पुलिस को फिर से मामला दर्ज कर नए सिरे से पुलिस अनुसंधान करने के डायरेक्शन दिए। अब पुलिस फिर से उसी मामले की एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही है।

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