Thursday, 16 April 2026

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भारतीय युवाओं को साइबर ठग बना रहा चीन

जयपुर रेंज की कोटपूतली-बहरोड पुलिस का बड़ा खुलासा, साइबर ठगी के लिए युवाओं को विदेश भेजने वाले गिरोह काे पकड़ा

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25 से अधिक युवकों को शांतिभंग में अरेस्ट किया

कोटपूतली-बहरोड़ जिला पुलिस ने साइबर ठग बनाने वाले कबूतरबाज गिरोह का पता लगाया है। इस गिरोह में युवाओं को कम्बोडिया भेजकर वहां स्थित फर्जी कॉल सेंटरों में बिठाकर भारतीय लोगों को ठगने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। ये लड़के खुद को सीबीआई, पुलिस, ईडी, कस्टम अधिकारी बताकर भारतीयों को डिजिटल अरेस्ट कर निशाना बनाते हैं। बेराेजगार युवकों को विदेश भेजने वाले एक मास्टरमाइंड दलाल को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दलाल सुरेश सेन निवासी रामनगर (बानसूर) चाईनीज कंपनियों का मुख्य साइबर ठगी करने वाली चाइनीज कंपनियों के लिए दलाली करता है। यह गिरोह अब तक सैकड़ों युवकों को कम्बोडिया भेज चुका। जिनमें अकेले बानसूर क्षेत्र के 50 से अधिक युवक शामिल हैं।  इनमें अब तक 15 संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। 25 संदिग्धों को धारा 170 BNSS में गिरफ्तार किया गया है। शेष की तस्दीक की जा रही है। 

ऑपरेशन साइबर मुक्ति में एक्शन

ऑपरेशन साइबर मुक्ति के तहत साइबर सेल, जिला कोटपूतली-बहरोड़ व 15 थानों की 25+ टीमों के 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने मिलकर साइबर ठगी के इस बडे़ नेटवर्क का खुलासा किया है। यह गिरोह कम्बोडिया से संचालित चाइनीज साइबर ठग गिरोह द्वारा डिजिटल अरेस्ट, फेक वेबसाइट व इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के जरिये भारतीय नागरिकों से हजारों करोड़ की ठगी कर चुका है। ये गिरोह टेलीग्राम/व्हाट्सएप / फेसबुक / इंस्टाग्राम ऐड के माध्यम से शेयर मार्केट के नाम पर असली ऐप से मिलते-जुलते फेक ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट बनाकर व्हाट्सएप्प/टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड करते हैं।

युवाओं का साइबर फ्रॉड में यूज 

एडीजी राघवेंद्र सुहासा ने बताया कि इस गिरोह द्वारा विदेश भेजे गए युवकों की पहचान व संपर्क प्रक्रिया जारी है, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क व आर्थिक लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। पुलिस को पता चला था कि कोटपूतली बहरोड़ व आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में युवाओं को साइबर फ्रॉड के लिए कम्बोडिया भेजा जा रहा है। ये युवा कम्बोडिया जाकर चाइनीज कंपनियों द्वारा संचालित फर्जी कॉल सेंटर में बैठकर पैसे के लालच में भारतीयों के साथ बड़ी संख्या में बड़ी-बड़ी राशि के फ्रॉड कर रहे हैं। इस गिरोह के मुख्य दलाल सुरेश सेन को गिरफ्तार कर लिया। उसका यूपी के लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, लखनऊ पूर्वी में भी पुराना क्राइम रिकॉर्ड मिला है।

युवाओं का साइबर फ्रॉड में यूज 

एडीजी राघवेंद्र सुहासा ने बताया कि इस गिरोह द्वारा विदेश भेजे गए युवकों की पहचान व संपर्क प्रक्रिया जारी है, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क व आर्थिक लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। पुलिस को पता चला था कि कोटपूतली बहरोड़ व आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में युवाओं को साइबर फ्रॉड के लिए कम्बोडिया भेजा जा रहा है। ये युवा कम्बोडिया जाकर चाइनीज कंपनियों द्वारा संचालित फर्जी कॉल सेंटर में बैठकर पैसे के लालच में भारतीयों के साथ बड़ी संख्या में बड़ी-बड़ी राशि के फ्रॉड कर रहे हैं। इस गिरोह के मुख्य दलाल सुरेश सेन को गिरफ्तार कर लिया। उसका यूपी के लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, लखनऊ पूर्वी में भी पुराना क्राइम रिकॉर्ड मिला है।

साइबर ठगी के लिए युवाओं को भेज रहे विदेश

जयपुर पुलिस रेंज के चीफ IPS राघवेंद्र सुहासा ने बताया कि कोटपूतली बहरोड़ पुलिस के हत्थे चढ़ा गिरोह के भेजे गए युवाओं से कंबोडिया में संचालित फर्जी कॉल सेंटरों पर काम कराया जाता है। जिनमें भारत, पाकिस्तान, नेपाल व बांग्लादेश के लगभग 1000-1500 लोग कार्यरत हैं। इन्हें लगभग 1000 अमेरिकी डॉलर मासिक वेतन तथा बड़ी ठगी करने पर अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाता है। हिंदी भाषी राज्यों के साथ-साथ दक्षिण भारत से अंग्रेजी भाषी युवकों की भी बड़ी संख्या इसमें शामिल है। पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क को कम्बोडिया में स्थानीय स्तर पर संरक्षण व सहयोग मिलने की बात भी सामने आई हैं। 

विदेश में नौकरी का लालच, युवाओं के लिए सलाह

कोटपूतली-बहरोड के पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार बिश्नोई (DIG) की आमजन से अपील

  • विदेश नौकरी दिलाने वाले किसी भी एजेंट पर बिना सत्यापन भरोसा न करें।
  • पासपोर्ट, वीज़ा, कंपनी ऑफर लेटर व वर्क परमिट की अनिवार्य जांच करें।
  • बिना लाइसेंसी एजेंटों के माध्यम से विदेश जाने से बचें।
  • किसी भी संदिग्ध एजेंट या ऑफर की तुरंत पुलिस को सूचना दें। 
  • धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने से संपर्क करें। 
  • बोडिया, लाओस, वियतनाम, म्यांमार देशों में जाने वाले युवा अतिरिक्त सावधानी बरतें।
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