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इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की कर रहा था तैयारी
कोटा के जवाहर नगर थाना क्षेत्र का मामला
राजस्थान के कोटा से एक बार फिर दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। देशभर से इंजीनियर और डॉक्टर बनने का सपना लेकर आने वाले छात्रों के शहर में एक और युवा सपना अधूरा रह गया। जवाहर नगर थाना क्षेत्र के पुराने राजीव गांधी नगर स्थित एक पीजी में रहने वाले 17 वर्षीय छात्र ने अपने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर निवासी आर्यन ओझा के रूप में हुई है। आर्यन इसी साल फरवरी में कोटा आया था और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। बुधवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि छात्र ने अपने कमरे में आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। कमरे से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्च्यूरी में रखवाया गया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके आने के बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सपनों के साथ बढ़ रहा दबाव
कोटा हर साल लाखों विद्यार्थियों को अपने सपनों की उड़ान देने का मंच देता है। लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव, घर से दूर रहने की चुनौतियां, अपेक्षाओं का बोझ और अकेलापन कई बार छात्रों के लिए मानसिक संघर्ष का कारण बन जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा में सफलता जीवन का सिर्फ एक हिस्सा है, पूरी जिंदगी नहीं। एक परीक्षा में असफलता या कठिन दौर किसी व्यक्ति की क्षमता और भविष्य का फैसला नहीं करता।