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जयपुर ज्वेलरी शो 2025 में भारतीय ज्वेलरी कला को मिला वैश्विक सम्मान
पिकॉक रिंग बनी क्रेज ऑफ जेजेएस
नोवोटेल जयपुर कन्वेंशन सेंटर, सीतापुरा में शुरू हुए देश के सबसे प्रतिष्ठित ज्वैलरी आयोजन जयपुर ज्वेलरी शो (जेजेएस) 2025 के पहले ही दिन एक ऐतिहासिक और विश्वविख्यात कलाकृति ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सावियो ज्वेलरी द्वारा डिज़ाइन की गई गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर ‘पीकॉक रिंग’ इस भव्य शो में आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
‘पीकॉक रिंग’ वर्ष 2015 से 2018 तक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में एक ही अंगूठी में सबसे अधिक हीरे जड़े जाने के लिए दर्ज रही है। भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित यह अनोखी रचना आशीष सांड और अभिषेक सांड की कल्पनाशील सोच और भारतीय कारीगरों की अद्वितीय शिल्पकला का जीवंत उदाहरण है।
18 कैरेट व्हाइट गोल्ड से निर्मित इस अद्भुत अंगूठी में 3827 वीवीएस–वीएस गुणवत्ता के हीरे जड़े हैं। हीरों का कुल वजन 16.5 कैरेट है, जबकि रिंग का कुल वजन 50.42 ग्राम है। मोर के फैले हुए पंखों के आकार में डिज़ाइन की गई इस रिंग को चार अलग-अलग ऑर्थोग्राफिक व्यू के माध्यम से तैयार किया गया, ताकि इसकी बारीकियों में कोई कमी न रहे।
निर्माताओं के अनुसार यह अंगूठी बिक्री के लिए नहीं है और इसका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 25 करोड़ रुपये आंका गया है। उल्लेखनीय है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने आशीष सांड और अभिषेक सांड को सम्मानित भी किया था।
देश के नंबर-1 बी2बी और बी2सी ज्वैलरी शो जेजेएस 2025 में इस वर्ष 1,227 बूथ और 660 एग्जीबिटर्स भाग ले रहे हैं। साथ ही 13 देशों के ट्रेड डेलीगेट्स की मौजूदगी ने शो को अंतरराष्ट्रीय पहचान दी है। शो की थीम “कलर्ड जेमस्टोन्स-शेपिंग ड्रीम्स इन एवरी कलर” के बीच ‘पीकॉक रिंग’ भारतीय ज्वेलरी उद्योग की रचनात्मकता, नवाचार और वैश्विक गौरव का सशक्त प्रतीक बनकर उभरी है।
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