eight-workers-died-i...
खुशखेड़ा की अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद जागा प्रशासन, इंडस्ट्रियल एरिया में सर्च कराई तो अवैध पटाखा बनाने की दो फैक्ट्री और पकड़ी गई
अवैध पटाखा निर्माण फैक्ट्री में ब्लास्ट से 8 मजदूरों की जान चली गई थी
भिवाड़ी के खुशखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में अवैध पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में सात मजदूरों की दर्दनाक मौत का मामला बेहद संगीन हो गया है। अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालन के तार कुछ पुलिसकर्मियों से जुड़ गए हैं। पकड़ा गया हेमंत पुलिस के एक हैडकांस्टेबल का भाई है। उसका भाई DST इंचार्ज का खास है। दोनों एक ही कमरे में रहते हैं। दूसरी तरफ एक फैक्ट्री में विस्फोट के बाद पुलिस के हत्थे चढ़े हेमंत से पूछताछ में खुलासा हुआ कि इंडस्ट्रियल एरिया में ही दो अन्य अवैध फैक्ट्रियां भी चल रही हैं। इस पर पुलिस ने प्रशासन की टीम साथ लेकर इंडस्ट्रियल एरिया खुशखेड़ा में सर्च ऑपरेशन चलाया। दो अन्य अवैध फैक्ट्रियां भी पकड़ी गई। इनमें भी भारी मात्रा में विस्फोटक पकड़ा गया। मामले को जयपुर रेंज आईजी राघवेंद्र सुहासा ने भिवाड़ी में ही डेरा डाल रखा है। उन्होंने कहा कि अवैध फैक्ट्री चलाने वाला मुख्य आरोपी फरार है, उसकी तलाश जारी है। उसके पकड़े जाने के बाद ही खुलासा हो पाएगा कि किसी पुलिस वाले की इस मामले में कितनी भूमिका है।
इंडस्ट्रियल एरिया में सर्च, दो अवैध फैक्ट्री पकड़ी
जयपुर रेंज आईजी राघवेंद्र सुहासा ने बताया कि दिन भर इंडस्ट्रियल एरिया में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसमें दो अवैध पटाखा फैक्ट्रियां पकड़ी गई हैं। इन फैक्ट्रियों में भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक मिला है। इन फैक्ट्रियों का भी जिस फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ है, उसके संचालक गिरोह से ही इन अवैध फैक्ट्रियों के भी तार जुड़े हैं।
FIR में गंभीर आरोप जरा पढ़ लीजिए
एफआईआर में कम्पनी के मालिक राजेन्द्र कुमार पुत्र गोकुलचन्द निवासी मकान नंबर 367 सीबानपुरा पटेल नगर गाजियाबाद उतर-प्रदेश व हेमन्त कुमार शर्मा पुत्र रामबाबू शर्मा निवासी शांहजापुर जिला कोटपूतली बहरोड राजस्थान एवं कम्पनी सुपरवाइजर अभिनन्दन पुत्र भृगुनाथ तिवारी निवासी मटियरीया थाना हरसिद्धी जिला मोतिहारी बिहार व ठेकेदार अजीत पुत्र सुरेन्द्र सिंह द्वारा अवैध रूप से विस्फोटक सामाग्री बारूद से पटाखे बनवाने का काम मजदूरों को गुमराह कर करवाया जा रहा था। 16 फरवरी को आग लगने के कारण विस्फोट हो गया। जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई। कम्पनी मालिक, सुपरवाइजर, ठेकेदार मेरे भाई व अन्य मजदूरों से ये काम करवाया रहा था। शव कंकाल में तब्दील हो गए थे।