Tuesday, 15 September 2026

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केसरिया निशान के साथ डिग्गी कल्याणजी की 61वीं लक्खी पदयात्रा रवाना

5 दिन में 75 KM चलेंगे श्रद्धालु, 22 अगस्त को डिग्गीपुरी पहुंचेंगे पदयात्री

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डिग्गी कल्याणजी की 61वीं लक्खी पदयात्रा में हनुमान जी अवतार में सजीं झांकी

जयपुर में डिग्गी कल्याणजी की 61वीं लक्खी पदयात्रा मंगलवार सुबह 9 बजे चौड़ा रास्ता स्थित श्री ताड़केश्वर मंदिर से डिग्गीपुरी के लिए रवाना हुई। मुख्य केसरिया निशान की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद संत-महात्माओं ने ध्वज दिखाकर यात्रा को रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए पैदल डिग्गीपुरी की ओर बढ़े।

पदयात्रा में देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां भी शामिल हैं। श्रद्धालु भजनों पर नाचते-गाते नजर आए।पदयात्रियों की सेवा के लिए चौड़ा रास्ता से टोंक रोड और सांगानेर तक जगह-जगह भंडारे लगाए गए हैं। सोमवार शाम से ही कई भंडारों में भोजन तैयार करने का काम शुरू हो गया था। टोंक रोड पर टेंट लगाकर भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

22 अगस्त को पदयात्री पहुंचेंगे डिग्गीपुरी

यात्रा का पहला रात्रि पड़ाव मंगलवार को मदरामपुरा में होगा। 19 अगस्त को हरसूलिया, 20 अगस्त को फागी और 21 अगस्त को चौसला में श्रद्धालु रात्रि विश्राम करेंगे। पांच दिन में करीब 75 किलोमीटर की दूरी तय कर 22 अगस्त को पदयात्री डिग्गीपुरी पहुंचेंगे। रास्ते में भजन, रासलीला और सत्संग के आयोजन होंगे।

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डिग्गी पहुंचने पर 22 अगस्त शाम 5 बजे शोभायात्रा निकलेगी। इसके बाद कल्याणजी महाराज के निज मंदिर में गंगोत्री से लाए गंगाजल से अभिषेक किया जाएगा। रात में जागरण होगा।

1964 में निकली थी पहली यात्रा 

श्री कल्याण डिग्गीपुरी लक्खी पदयात्रा संघ जयपुर के संचालक व अध्यक्ष श्रीजी शर्मा ने बताया कि वे तीसरी पीढ़ी से इस यात्रा की परंपरा निभा रहे हैं। उनके दादा स्व. रामेश्वर लाल शर्मा ने 1964 में पहली यात्रा शुरू की थी। इसके बाद 1993 से 2011 तक उनके पिता प्रहलाद राय शर्मा ने यात्रा का संचालन किया। पिछले 14 साल से वे इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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