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गांव से भारतीय टेस्ट टीम तक पहुंचने का सफर
युवा क्रिकेटर मानव सुथार की प्रेरणादायक कहानी
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचना आसान नहीं होता। सीमित संसाधन, साधारण परिवार और लोगों के ताने इन सबके बीच अगर कोई युवा अपने सपनों को जिंदा रखे, तो वही कहानी एक दिन प्रेरणा बन जाती है। ऐसी ही कहानी है युवा क्रिकेटर Manav Suthar की।
स्पिन गेंदबाजी सबसे बड़ी ताकत
शुरुआत में उनके पिता चाहते थे कि मानव बल्लेबाज बनें, लेकिन क्रिकेट अकादमी के कोच ने उनकी गेंदबाजी में कुछ खास देखा। धीरे-धीरे मानव ने बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी पर मेहनत शुरू की और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई।
क्रिकेट के शुरुआती दिनों में सबकुछ आसान नहीं था। गांव और आसपास के लोग अक्सर ताने मारते थे कि क्रिकेट खेलकर क्या होगा। लेकिन परिवार ने कभी उनका हौसला टूटने नहीं दिया। यही भरोसा मानव की सबसे बड़ी ताकत बना।
कम उम्र में कई खिताब
कम उम्र में ही मानव ने अंडर-14 और अंडर-16 स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया। कप्तानी करते हुए उन्होंने अपनी टीम को कई खिताब भी दिलाए। लगातार मेहनत और अच्छे प्रदर्शन का नतीजा यह रहा कि फरवरी 2022 में उन्हें राजस्थान की रणजी टीम से प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने का मौका मिला।
इसके बाद मानव ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। घरेलू क्रिकेट में उनकी फिरकी बल्लेबाजों के लिए परेशानी बनने लगी। लगातार विकेट लेने की वजह से उन्हें ‘इंडिया-ए’, इमर्जिंग एशिया कप और ‘रेस्ट ऑफ इंडिया’ जैसी बड़ी टीमों में खेलने का मौका मिला।
2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान मानव को भारतीय टीम का नेट गेंदबाज भी बनाया गया। यह उनके करियर का बड़ा मोड़ था, क्योंकि यहां उन्हें दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ सीखने और खुद को साबित करने का मौका मिला।
12 साल बाद राजस्थान के खिलाड़ी का भारतीय टेस्ट टीम में चयन
अपनी शानदार गेंदबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर मानव ने Gujarat Titans में भी जगह बनाई। लेकिन उनके जीवन का सबसे बड़ा पल तब आया, जब उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया। करीब 12 साल बाद राजस्थान के किसी खिलाड़ी का भारतीय टेस्ट टीम में चयन होना सिर्फ मानव की नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात बन गया।
मानव सुथार की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटे शहरों और गांवों से बड़े सपने देखते हैं। उनका सफर बताता है कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर मेहनत लगातार हो और परिवार का साथ मिले, तो कोई भी सपना दूर नहीं रहता।यह भी पढ़ें