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युगांडा से आई युवती आइसोलेशन में पुणे लैब भेजे सैंपल
एयरपोर्ट स्क्रीनिंग के दौरान सामने आया मामला
जयपुर। कोरोना महामारी के बाद किसी भी खतरनाक वायरस की खबर लोगों की चिंता बढ़ा देती है। ऐसे में राजस्थान में पहली बार इबोला वायरस के एक संदिग्ध मामले के सामने आने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। हालांकि फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है, क्योंकि महिला में अभी तक इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है और उसकी तबीयत भी सामान्य बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, युगांडा से राजस्थान घूमने आई एक विदेशी महिला शुक्रवार तड़के शारजाह के रास्ते जयपुर पहुंची थी। एयरपोर्ट पर नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान उसमें कुछ ऐसे लक्षण दिखाई दिए, जो इबोला संक्रमण से मेल खाते थे। एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग को तुरंत सूचना दी गई और महिला को विशेष निगरानी में ले लिया गया।
इसके बाद महिला को सीधे RUHS अस्पताल भेजा गया, जहां उसे आइसोलेशन में रखा गया है। अस्पताल के डेडिकेटेड क्रिटिकल केयर ब्लॉक में भर्ती महिला की लगातार निगरानी की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि उसकी स्थिति स्थिर है और फिलहाल किसी गंभीर लक्षण की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने महिला के नमूने जांच के लिए पुणे की विशेष प्रयोगशाला भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला वास्तव में इबोला संक्रमण का है या नहीं।
अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। फिलहाल यह केवल एक संदिग्ध मामला है और संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं।
क्या है इबोला वायरस?
इबोला एक बेहद खतरनाक वायरल बीमारी है।
यह इंसानों और कुछ जंगली जानवरों में संक्रमण फैलाती है।
इसकी मृत्यु दर 50% या उससे अधिक तक हो सकती है।
इसे पहले इबोला हेमोरेजिक फीवर के नाम से भी जाना जाता था।
कैसे फैलता है इबोला?
संक्रमित व्यक्ति के खून, लार, पसीने, उल्टी, मल या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क से। संक्रमित कपड़े, बिस्तर, सुई या अन्य वस्तुओं को छूने से भी संक्रमण हो सकता है।
इबोला के प्रमुख लक्षण