Thursday, 16 April 2026

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गुनगुनी धूप में गुलाबी सर्दी संग उड़ती 'शब्दों की पतंगें'

वेदांता प्रेजेंट्स जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) 2026 की शानदार शुरुआत

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जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल: पिंकसिटी में विचारों और संवाद का सबसे बड़ा उत्सव

बहुप्रतीक्षित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल JLF के 19वें संस्करण का उद्घाटन गुरुवार 15 जनवरी को जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में हुआ। जिसमें भारत और दुनिया भर के साहित्य, राजनीति, मीडिया और संस्कृति-जगत की जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। देश-दुनिया में साहित्य का महासंगम बनकर चर्चित हो चुके जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का इनॉग्रेशन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने किया। मुख्यमंत्री ने देश-दुनिया से राजस्थान की धरती पर आए आए साहित्य प्रेमियों का 'पधारो म्हारे देश' कहकर स्वागत करते हुए कहा, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल एक कार्यक्रम मात्र नहीं बल्कि उत्सव है। हर वर्ष यह आयोजन नए आयाम छूता है। एक कहावत का जिक्र किया कि 'संगीत और कला विहीन मनुष्य पशु के समान होता है।' साहित्य मनुष्य को संवेदनाओं और करूणा से जोड़ता है।पांच दिन चलने वाले जेएलएफ का आयोजन जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर कैंपस में किया जा रहा है। वेदांता द्वारा प्रस्तुत और टीमवर्क आर्ट्स द्वारा आयोजित यह फेस्टिवल 15 से 19 जनवरी 2026 तक चलेगा, और संवाद, बहस और विचारों के स्वतंत्र आदान-प्रदान की अपनी परंपरा जारी रखेगा। पहले दिन ने पांच दिनों की विचारोत्तेजक चर्चाओं, प्रभावशाली बातचीत और समकालीन मुद्दों के साथ सार्थक जुड़ाव के लिए दिशा तय कर दी।  उद्घाटन सत्र में बुकर पुरस्कार विजेता लेखिका बानू मुश्ताक़ का मुख्य भाषण शामिल था। संजय के. रॉय ने उद्घाटन भाषण दिया। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उप-मुख्यमंत्रियों दिया कुमारी और प्रेम चंद बैरवा की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुआ।  

बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक बोली लिखो, लिखो और लिखो...

उद्घाटन सत्र में अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक से मौतुषी मुखर्जी ने बात की। मुश्ताक ने लेखन को असमानता और विस्मरण से प्रभावित समाज में जीवित रहने और प्रतिरोध का माध्यम बताया। साहित्य को जीवन से अलग न मानते हुए उन्होंने कहा कि उनके पुरस्कार, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2025 शामिल है, उनकी सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करते हैं। उन्होंने युवा लेखकों को सलाह दी: “केवल लेखन की योजना मत बनाओ, लिखना शुरू करो। लिखो, लिखो और लिखो।”  

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डिजिटल युग में विश्वसनीयता और सत्य

द सेवन रूल्स ऑफ ट्रस्ट सत्र में डिजिटल युग में विश्वसनीयता और सत्य पर चर्चा हुई। विकिपीडिया के संस्थापक जिमी वेल्स ने पत्रकार अनिता आनंद के साथ पारदर्शिता, जवाबदेही और जानकारी की बदलती प्रकृति पर संवाद किया। वेल्स ने सोशल मीडिया एल्गोरिदम की भूमिका और राजनीतिक असहमति को लोकतांत्रिक अंतर के बजाय नैतिक खतरे के रूप में दिखा दिए जाने पर जाेर दिया। इन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने सतर्क आशावाद व्यक्त किया, और कहा कि समाज ऐतिहासिक रूप से विचारधारात्मक अंतर को समझौते के माध्यम से संभालता रहा है।  

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