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पिंकसिटी पूरे देश में कला साहित्य की नगरी के रूप में बना चुकी है अलग पहचान
पटना से आए खुर्शीद ने जयपुर में बताया पीएलएफ का पूरा प्रोग्राम
जयपुर। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में सीटें फुल, आमंत्रण कार्ड से एंट्री । राजस्थान के वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष खानू खान बुधवाली विशिष्ट अतिथि । कला, संस्कृति और भाषा को बढ़ावा देने के लिए पटना के बाद जयपुर, फिर दिल्ली, मुम्बई और कोलकाता व कतर में भी पटना लिटरेरी फेस्टिवल का आयोजन 22 नवंबर मुकर्रर किया गया।
पटना लिटरेरी फेस्टिवल (पीएलएफ) का अगला कार्यक्रम एलिट नशिष्त दिल की शायरी महफिल-3 का आयोजन जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आगामी 22 नवम्बर 2025 को शाम 6 बजे से रात 9:30 बजे तक किया जायेगा।
डॉ. खानू खान बुधवाली, अध्यक्ष, राजस्थान वक्फ बोर्ड, डॉ. मधुकर गुप्ता, आईएएस, फॉर्मर चीफ इलेक्शन कमिश्नर, राजस्थान, किरण सोनी गुप्ता, आईएएस, फॉर्मर प्रिंसिपल सेक्रेटरी, आर्ट & कल्चर डिपार्टमेंट, राजस्थान इस प्रोग्राम में शिरकत करेंगे। देश के जाने-माने 7 उर्दू के शायर और हिन्दी के कवि इसमें भाग लेंगे। जिनमें अजहर इकबाल, सपना मूलचंदानी (अजमेर), सैयद तबरेज मुनव्वर राणा (लखनऊ), चिराग शर्मा, दीपा सैनी (जयपुर) एवं अविनाश जोशी (जयपुर), इब्राहिम जीशान (जयपुर) प्रस्तुति देंगे। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में इस प्रोग्राम से पहले सभी 170 सीटें आरक्षित हो चुकी हैं। आमंत्रण कार्ड से ही एंट्री मिलेगी।
पीएलएफ के संस्थापक तथा सचिव खुर्शीद अहमद ने बताया कि "बड़े काम करना है तो बड़े शहर में जाना होगा।" उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति को बढ़ावा देने तथा हिन्दी और उर्दू को आगे ले जाने को लेकर पीएलएफ पिछले 7 वर्षों (2018 से) लगातार काम कर रहा है। इन प्रोग्रामों के जरिये हम इन भाषाओं को निरंतर आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। हमारे कार्यक्रमों में बुद्धिजीवी वर्ग भाग लेते हैं जिनके कंधों पर भाषाओं को आगे बढ़ाने का भार है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में जयपुर में प्रति वर्ष 4 से 6 कार्यक्रम करने की योजना है। इसमें सरकार से कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सहयोग की अपेक्षा है। जयपुर में कला और संस्कृति विभाग, साहित्य अकादमी एवं उर्दू अकादमी जैसी संस्थाओं को पीएलएफ के साथ मिलकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि जयपुर सरकार हमारे जैसे आयोजकों को सहयोग और प्रोत्साहन दे - जिससे हम और बेहतर कार्यक्रम कर सकें।
2018 में पीएलएफ की स्थापना के बाद पिछले सात सालों में हमने 16 बड़े और सफल कार्यक्रम किए हैं। 36 सालों से पब्लिक रिलेशन के क्षेत्र में में काम कर रहे खुर्शीद ने बताा कि समाज से जो कुछ पाया है, उसे इन कार्यक्रमों के माध्यम से लौटाने का प्रयास करता हूँ। हम हर काम को दिल और दिमाग से करते हैं, इसलिए हर आयोजन सफल होता है।"
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