Sunday, 2 August 2026

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पहली बार भारत की 14 बेटियां आर्मी और एयरफोर्स में बनीं अधिकारी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद NDA में दाखिल हुईं महिला कैडेट्स ने रचा इतिहास

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14 बेटियां बनी डिफेंस में अधिकारी

13 जून 2026 का दिन भारत की बेटियों और देश की सशस्त्र सेनाओं के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। जिस NDA (नेशनल डिफेंस अकादमी) के दरवाजे कभी महिलाओं के लिए बंद थे, वहीं से निकलीं 14 बेटियों ने आज इतिहास रच दिया। कड़ी ट्रेनिंग और अथक मेहनत के बाद ये बेटियां भारतीय सेना और वायुसेना में अधिकारी बन गई हैं। देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) और हैदराबाद की एयर फोर्स अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड के साथ इन कैडेट्स का सपना हकीकत में बदल गया। IMA से 9 महिला कैडेट्स भारतीय सेना में अधिकारी बनीं, जबकि 5 महिला कैडेट्स भारतीय वायुसेना का हिस्सा बनीं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि अगस्त 2022 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पहली बार महिलाओं ने NDA में प्रवेश लिया था। करीब चार साल की कठिन ट्रेनिंग और संघर्ष के बाद आज उन्होंने वह मुकाम हासिल किया है, जो कभी सिर्फ पुरुषों के लिए आरक्षित माना जाता था।

देहरादून की पासिंग आउट परेड में एक भावुक और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। IMA के 94 साल के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट्स ने पुरुष कैडेट्स के साथ कदम से कदम मिलाकर 'अंतिम पग' पार किया और भारतीय सेना में अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया।

खबरों की अविरल धारा

इस बार IMA से कुल 515 कैडेट्स पास आउट हुए, जिनमें 16 देशों के 34 विदेशी कैडेट भी शामिल रहे। वहीं एयर फोर्स अकादमी से 231 फ्लाइट कैडेट्स ने ट्रेनिंग पूरी कर अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया। इन 14 बेटियों की सफलता सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह देश की हर उस बेटी के सपनों की जीत है जो वर्दी पहनकर देश सेवा करना चाहती है। यह कहानी बताती है कि अवसर मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में इतिहास रच सकती हैं।

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