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न फटेंगे, न जल्दी गंदे होंगे! भारत में आ सकते हैं प्लास्टिक के नोट
पॉलीमर नोट सफल हुए तो बदल सकती है भारत की करेंसी
रोचक खबर: कल्पना कीजिए, आपकी जेब में रखा 100 या 500 रुपये का नोट बारिश में भीग जाए, कपड़ों के साथ धुल जाए या महीनों तक इस्तेमाल हो, फिर भी फटे नहीं। यह कोई कल्पना नहीं, बल्कि भविष्य में हकीकत बन सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में प्लास्टिक यानी पॉलीमर नोट शुरू करने की संभावना पर काम कर रहा है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिए हैं कि इस नए प्रयोग पर विचार चल रहा है। हालांकि फिलहाल यह योजना शुरुआती चरण में है और अंतिम फैसला अभी बाकी है।
आखिर क्यों बदल सकती है देश की करेंसी?
भारत में हर साल करोड़ों नोट खराब हो जाते हैं। फटे, गंदे और घिसे हुए नोटों को बदलने में सरकार को भारी खर्च उठाना पड़ता है। ऐसे में पॉलीमर नोट एक ऐसा विकल्प माने जा रहे हैं जो ज्यादा समय तक टिक सकते हैं और बार-बार छपाई की जरूरत कम कर सकते हैं।
पहले भी हुई थी कोशिश
बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में प्लास्टिक नोटों का ट्रायल करीब एक दशक पहले किया जा चुका है। जयपुर, शिमला, भुवनेश्वर, मैसूर और कोच्चि जैसे शहरों में 10 रुपये के पॉलीमर नोटों का परीक्षण हुआ था। लेकिन उस समय कई तकनीकी चुनौतियां सामने आईं। एटीएम मशीनें और नोट गिनने वाले उपकरण इन नोटों के अनुरूप नहीं थे। इसके अलावा मौसम से जुड़ी कुछ चिंताएं भी थीं। नतीजा यह हुआ कि योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब RBI नई तकनीक और बेहतर तैयारियों के साथ फिर से इस विकल्प पर विचार कर रहा है।
क्या होते हैं पॉलीमर नोट?
नाम सुनकर लगता है जैसे ये किसी प्लास्टिक कार्ड की तरह होंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। ये नोट बेहद पतले, हल्के और लचीले होते हैं। इन्हें मोड़ा जा सकता है, जेब में रखा जा सकता है और सामान्य नोटों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
आम लोगों को क्या फायदा होगा?
दुनिया के कई देशों में पहले से चल रहे हैं ऐसे नोट
ऑस्ट्रेलिया ने सबसे पहले पॉलीमर नोटों की शुरुआत की थी। आज ब्रिटेन, कनाडा, सिंगापुर, मलेशिया और थाईलैंड समेत 60 से ज्यादा देशों में ये नोट सफलतापूर्वक इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा?
फिलहाल आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। RBI ने साफ किया है कि यदि भविष्य में यह बदलाव होता भी है तो इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पुराने नोट तुरंत बंद नहीं होंगे और नकदी की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी आने वाले समय में भारत की करेंसी का रंग-रूप बदल सकता है, लेकिन आपकी जेब में पैसे की कमी नहीं होगी।
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