Sunday, 2 August 2026

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अयोध्या राम मंदिर विवाद के बीच अनिल मिश्रा का इस्तीफा

राम मंदिर चढ़ावा चोरी जांच के बीच इस्तीफे से मचा बवाल

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अयोध्या राम मंदिर चोरी मामला

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में गड़बड़ी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं। ट्रस्ट ने दोनों के इस्तीफा मंजूर करने की पुष्टि करते हुए कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और श्रद्धालुओं का दान पूरी तरह सुरक्षित है।

कौन हैं अनिल मिश्रा?

डॉ अनिल मिश्रा RSS से जुड़े हैं। उनका जन्म साल 1958 में अंबेडकरनगर जिले के पतौना गांव में हुआ। अनिल मिश्रा ने बृजकिशोर होम्योपैथी कॉलेज से BHMS किया। उन्होंने सुल्तानपुर और गोंडा जिलों में बतौर होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी काम किया है। सरकारी नौकरी के आखिरी दौर में अनिल मिश्रा ने उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रार पद पर भी जिम्मेदारी निभाई। 2020 में रिटायर्ड होने के बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह RSS के लिए झोंक दिया।

जानिए क्या है मामला?

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ये मामला राम मंदिर में मिले दान और चढ़ावे के गबन से जुड़ा है. आरोप है कि मंदिर में चढ़ाई गई करोड़ों रुपये की राशि में गड़बड़ी हुईं। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। जांच के आधार पर FIR दर्ज की गई और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों ने अब तक लगभग 79.85 लाख रुपये की राशि बरामद करने का दावा किया है।

आठ आरोपियों को अदालत में पेश किया

पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को अदालत में पेश किया है। जांच अभी जारी है और अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बयान जारी कर कहा कि दोनों पदाधिकारियों ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए इस्तीफा दिया है।

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